पैर में कोई चीज चुभ जाए तो उसे हलके में मत लीजिए। खेत पर जाते पैर में लगी लकड़ी एक छात्र के लिए जानलेवा साबित हो गयी। लकड़ी लगने से पैर में बने जख्म में सेप्टिक बन गया। कई जगह इलाज के बाद भी युवक को बचाया नहीं जा सका। आठ दिन बाद दिल्ली के एक अस्पताल में छात्र ने दम तोड़ दिया। बुधवार की देर शाम छात्र का शव घर आने पर परिजनों में कोहराम मच गया।
क्षेत्र के ग्राम मुवाना मझरा निवासी किसान बाबूराम सिंह का 18 वर्षीय पुत्र सोमवीर सिंह जनता इंटर कॉलेज पीपली नायक में 12वीं का छात्र था। करीब आठ दिन पूर्व छात्र सोमवीर पड़ोस के ही अपने दोस्त राजू के साथ खेत पर घूमने गया था। परिजनों के अनुसार खेत में सोमवीर के पैर में यूकेलिप्टिस की लकड़ी घुस गयी। घर आने पर एक स्थानीय चिकित्सक से मरहम-पट्टी कराकर दवाई ले ली। अगले दिन पैर में सूजन बढ़ने पर उसे काशीपुर ले जाया गया। जहां डॉक्टर ने कहीं और दिखाए जाने की सलाह दी। इसके बाद उसे हल्द्वानी के अस्पताल में भर्ती कराया गया । लेकिन दो दिनों तक भी आराम नहीं दिखाई देने पर छात्र को बरेली ले जाया गया।
सोमवार को हालात ज्यादा बिगड़ने पर बरेली के चिकित्सकों ने उसे दिल्ली रेफर कर दिया। जिसके बाद परिजनों ने छात्र को दिल्ली के सफ़दरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। जहां बुधवार दोपहर छात्र ने दम तोड़ दिया। देर शाम शव घर पहुँचने पर परिजनों में कोहराम मच गया। मां शीला देवी और पिता बाबूराम का रोते-रोते बुरा हाल है। पड़ोसियों व परिजनों के अनुसार सोमवीर पढ़ने में काफी होशियार था। जिसके चलते वह माता-पिता का लाडला था। वह चार भाइयों में दूसरे नंबर का था।
डा. विशेष कुमार ने कहा कि सेप्टिक किसी भी जख्म के जरिए शरीर के ब्लड में फैल जाता है। ऐसे में जरूरी है कि डाक्टर की सलाह पर दवा जरूर लें। दवा का पूरा कोर्स करना चाहिए।