रामपुर। घंटा घड़ियाल की ध्वनि के बीच शिव स्तुति, महामृत्युंजय मंत्र के जाप के साथ सावन के दूसरे सोमवार में शिवालय गुंजायमान रहे। गंगाजल, दूध, शहद, देशी घी, दही, भस्म, इत्र से भगवान आशुतोष का भक्तों ने अभिषेक किया। शिवलिंग की पूजा कर संपत्ति, ऐश्वर्य, आनंद की कामना की।
सोमवार को शिवालयों के साथ-साथ घरों में सुबह से ही जलाभिषेक और रुद्राभिषेक शुरू हो गया था। वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ ब्राह्मणों ने भगवान शंकर का पूजन अर्चन कराया। सोमवार को उपवास रखे हुए लोगों ने रुद्राभिषेक के साथ ही यज्ञ कुंड में आहुतियां दीं। शिवालयों में शिवलिंग का मनमोहक श्रंगार किया गया था। कहीं चंदन, नील, भभूत, सिंदूर आदि से शिवलिंग को सजाया गया था तो कहीं गुलाब के फूल कहीं जूही, मोगरा और मोती फूल से शिवलिंग के चारों ओर सजावट की गई थी। हर हर बम बम के उद्घोष से पूजा स्थल दिनभर गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने शिव का जलाभिषेक कर मनौतियां मांगीं।
भमरौआ स्थित प्राचीन पातालेश्वर मंदिर में तड़के ही शिवभक्तों ने जलाभिषेक शुरू कर दिया था। दिन भर मंदिर में शिव भक्तों द्वारा जलाभिषेक होता रहा। यहीं सिलसिला पंजाबनगर स्थित ओमनागेश्वर मंदिर मंढ़ोली और बराखास स्थित प्राचीन शिव मंदिरों में भी रहा। इसके अलावा भमरव्वा और पंजाबनगर के मंदिरों में दिनभर भंडारे चलते रहे। मंदिरों पर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात रहा।