चकरोड के मामले में राजस्व परिषद में जौहर ट्रस्ट की द्वितीय अपील खारिज होने के बाद इस मामले के शिकायकर्ता भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने मांग की है कि प्रशासन इस जमीन को खाली कराए। उन्होंने कहा है कि यह सामुदायिक उपयोग की जमीन है, इसका तो विनिमय किया ही नहीं जा सकता है। आजम खां ने अधिकारियों की मिलीभगत से कायदे-कानून को ताक पर रखकर चकरोड की जमीन को जौहर यूनिवर्सिटी के परिसर में शामिल कर लिया था। इस मामले में राजस्व परिषद और कमिश्नर के आदेश आ चुके हैं। अब प्रशासन को इस जमीन को खाली करा लेना चाहिए।
इस मामले में कई अधिकारियों पर भी गिर चुकी है गाज
चकरोड की जमीन के मामले में कई अधिकारियों पर भी गाज गिर चुकी है। कमिश्नर ने अपने आदेश में तत्कालीन लेखपाल और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को कहा था। इसके बाद जिलाधिकारी ने तत्कालीन लेखपाल को निलंबित कर दिया था। एक अधिकारी जिनका जनपद के बाहर तबादला हो गया था, उनके खिलाफ भी शासन के आदेश पर कार्रवाई हुई थी।