रामपुर। मसवासी क्षेत्र के गांव जमना-जमनी के जंगल में शुक्रवार को बच्चे को तेंदुआ उठा ले जाने की सूचना से खलबली मच गई। सूचना मिलते ही वन विभाग और मसवासी चौकी पुलिस मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ जंगल, खेतों और आसपास के इलाके में घंटों तक सघन सर्च अभियान चलाया, लेकिन जांच में सूचना पूरी तरह झूठी निकली।
वन विभाग के अनुसार सूचना मिली थी कि मसवासी के मोहल्ला भूबरा निवासी सर्वेश का बेटा अमरजीत जंगल में तेंदुए का शिकार हो गया है। सूचना पर क्षेत्रीय वनाधिकारी राम कुमार अपनी टीम और बीट प्रभारी बलविंदर सिंह के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे।
पुलिस और ग्रामीणों के सहयोग से पूरे इलाके की तलाशी ली गई। जांच के दौरान पता चला कि अमरजीत अपने घर पर सकुशल मौजूद है और तेंदुए की ओर से बच्चे को उठा ले जाने की सूचना महज अफवाह थी।
कुछ दिन पहले इसी जमना-जमनी के जंगल में तेंदुआ अपने दो शावकों के साथ देखा गया था, जिसकी वन विभाग ने पुष्टि भी की थी। इसी वजह से क्षेत्र के ग्रामीण पहले से दहशत में हैं। शुक्रवार को सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर जंगल की ओर दौड़ पड़े, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
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वर्जन
वन्यजीवों से जुड़ी किसी भी सूचना की पुष्टि किए बिना उस पर विश्वास न करें। यदि कहीं तेंदुआ या अन्य वन्यजीव दिखाई दे तो तत्काल वन विभाग या पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। -राम कुमार, वन क्षेत्राधिकारी