रामपुर। सैफनी क्षेत्र में सील किए जा चुके अवैध क्लीनिकों का दोबारा संचालन शुरू होने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों ने विभाग पर कार्रवाई के बाद सांठगांठ कर क्लीनिक खुलवाने के आरोप लगाए हैं।
नौ फरवरी को नोडल अधिकारी डॉ. देवेश चौधरी ने टीम के साथ सैफनी क्षेत्र में कार्रवाई की थी। जांच के दौरान खरसोल स्थित इंतजार क्लीनिक और छितौनी रोड पर संचालित आलम फ्रैक्चर क्लीनिक बिना मानकों के चलते मिले थे। आवश्यक दस्तावेज और मानक पूरे न होने पर दोनों क्लीनिकों को सील कर दिया गया था। बताया जा रहा है कि कार्रवाई के करीब ढाई माह बाद दोनों क्लीनिकों में फिर से मरीजों का इलाज शुरू हो गया है। इससे क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग पहले अवैध अस्पतालों और क्लीनिकों पर कार्रवाई करता है, लेकिन बाद में मिलीभगत के चलते उन्हें दोबारा खुलवा दिया जाता है। किसान संगठन ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि अवैध रूप से चल रहे क्लीनिकों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
सैफनी क्षेत्र में सील किए गए क्लीनिकों के दोबारा संचालन की जानकारी मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी।स्वास्थ्य विभाग अवैध अस्पतालों और क्लीनिकों के खिलाफ लगातार अभियान चला रहा है।
- डॉ. देवेश चौधरी, नोडल अधिकारी