टांडा। फर्जी दस्तावेजों के सहारे जाति प्रमाणपत्र बनवाने के प्रकरण में रिपोर्ट लगाने वाले संबंधित लेखपाल कुंदन सिंह को एसडीएम ने निलंबित कर दिया है।
मामला वर्ष 2022 का है। सुमित ने स्वयं को टांडा तहसील के ग्राम सेडू का मझरा का निवासी बताते हुए ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर आवेदन किया था। जांच में आवेदन के साथ लगाए गए आधार कार्ड और ग्राम प्रधान का प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए थे। ग्राम प्रधान ने ऐसे किसी प्रमाणपत्र के जारी होने से साफ इन्कार किया था।
जांच में यह भी सामने आया कि सुमित ने जनसेवा केंद्र प्रभारी फहीम अहमद और रिजवान खां के साथ मिलकर फर्जी मोहर व हस्ताक्षर तैयार कराए और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर 21 अप्रैल 2022 को जाति प्रमाण पत्र हासिल किया, जिसका बाद में दुरुपयोग भी किया गया।
डीएम के आदेश पर लेखपाल कुंदन सिंह ने थाने में सुमित, फहीम अहमद और रिजवान खां के विरुद्ध संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी। अब उस मामले में कार्रवाई करते हुए एसडीएम राजकुमार भास्कर ने जाति प्रमाण पत्र में रिपोर्ट लगाने वाले तत्कालीन लेखपाल कुंदन सिंह को निलंबित कर दिया है। एसडीएम राजकुमार भास्कर ने बताया कि मुख्य आरोपी सुमित कुमार जेल जा चुका है और लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस को अन्य आरोपियों को जल्द पकड़ने के निर्देश दिए गए हैं।