बिजली विभाग की फीडर सेपरेशन योजना में घपला किया गया है। हाईटेंशन लाइन के निर्माण में गड़बड़ी की गई है। इसमें मानक के अनुरूप काम नहीं हुआ है। आम आदमी पार्टी के नेता की शिकायत के बाद हुई जांच में यह खुलासा हुआ। विभाग की ओर से कार्यदायी संस्था के भुगतान पर रोक लगा दी गई है।
प्रदेश सरकार की ओर से बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसमें एक योजना फीडर सेपरेशन है। इस योजना के तहत घरेलू और नलकूपों की बिजली को अलग-अलग किया जा रहा है। रामपुर में योजना को पूरा करने का जिम्मा एक निजी कंपनी को दिया गया है। इसमें कंपनी की ओर से लालपुर, खौद, मिलक खानम और स्वार में हाइटेंशन लाइन बनाई जा रही हैं।
करीब 30 किलोमीटर लंबी इस लाइन के निर्माण में कंपनी की ओर से गड़बड़ी की गई है। आम आदमी पार्टी के जिला प्रवक्ता जुल्फिकार अली तुर्क ने इस बावत बिजली अफसरों से शिकायत की थी। उनका कहना था कि कंपनी ने खंभे और तार लगाने का काम मानक के अनुरूप नहीं किया है। ग्राउंटिंग में गड़बड़ी की गई है। इस पर अधिशासी अभियंता विनोद कुमार ने जांच के आदेश दिए थे। उपखंड अधिकारी स्वार मलखान सिंह, शिकायतकर्ता और कंपनी के प्रतिनिधि नसीरूद्दीन मलिक ने संयुक्त रूप से जांच की।
इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई है। जांच में सामने आया कि खंभे लगाने के लिए जो ग्राउटिंग की गई है, वह सही नहीं है। इनमें मानकों का पालन नहीं किया गया है। उपखंड अधिकारी ने जांच रिपोर्ट अधिशासी अभियंता को सौंप दी, जिस पर अधिशासी अभियंता ने कंपनी के बिलों के भुगतान पर रोक लगा दी है। साथ ही शीघ्र ही पूरा काम मानक के अनुरूप करने के निर्देश दिए हैं।