शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती महाराज बद्रिकाधाम हिमालय ने कहा है कि गो माता की सेवा और रक्षा करना हिंदू समाज का दायित्व है। ऐसा करने वाला मुनष्य मोक्ष का भागी होता है।
कोतवाली क्षेत्र के निस्वी गांव में मंगलवार को श्री कृष्ण गोशाला समिति निस्वी के भूमि पूजन कार्यक्रम का श्रीगणेश शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती महाराज बद्रिकाधाम हिमालय ने सबसे पहले गो माता के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके किया। भूमि पूजन करके गोशाला की आधार शिला रखी। कार्यक्रम में उन्होने कहा कि गो सेवा और रक्षा से बडा कोई धर्म का काम नहीं है।
कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय को गो माता माना जाता है। इसलिए गाय की रक्षा और सेवा करना हिंदू समाज का धर्म है। कहा कि गो माता की सेवा करने से मानवजीवन अपार खुशियां से भर जाता है। कहा कि गो माता के पूजन से ही 33 करोड़ देवीृ-देवताओं की पूजा हो जाती है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज धर्म की रक्षा के साथ ही गो माता की सेवा और रक्षा करे। कहा कि यदि धर्म पर संकट आता है तब अधर्म का जन्म होता है। इसलिए धर्म पर कभी संकट नहीं आने दें। उन्होंने कहा कि धर्म हमेशा सत्य मार्ग पर चलने को प्रेरित करता है। धर्म पर चलने वाले की ही हमेशा विजय होती है।
कहा कि पाप का अंत होना तय है। अहंकार से मानव का पतन तय होता है। इसलिए धर्म और सच्चाई के मार्ग पर चलते रहो। मानव का हमेशा कल्याण होता रहेगा। कार्यक्रम में शंकरानंद महाराज, विहिप के क्षेत्रीय संगठन मंत्री ईश्वरी प्रसाद आर्य, विहिप के जिलाध्यक्ष पंडित वेद प्रकाश शर्मा, पूर्व विधायक ज्वालाप्रसाद गंगवार, देवेंद्र सोम, संजीव सिंघल, रामशंकर, उपेंद्र मिश्रा, भारत सिंह,हरिओम अग्रवाल, मुकेश पटेल, अनिष्ठ वशिष्ठ. हरीश गंगवार, संजय गुप्ता, रवि शर्मा, अमृत गौड़, प्रदीप कुमार, घनश्याम, रोशन लाल, दीपक, दिनेश शर्मा थे। वहीं दूसरी ओर शंकराचार्य हाईवे पर स्थित भैरो बाबा मंदिर पहुंचे और यहां पर उन्होंने करीब घंटे भर विश्राम किया। बाद में वह यहां पर भक्तों से मिले और उनको आशीर्वाद दिया। यहां पर चौधरी यतेंद्र सिंह, बंटी गुप्ता, प्रेम पुजारी आदि थे।