विधायक अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाण पत्रों के मामले में कोर्ट ने सांसद आजम खां, उनकी पत्नी राज्यसभा सदस्य डॉ. तजीन फात्मा और विधायक अब्दुल्ला को समन जारी किया है। अपर जिला और सत्र न्यायाधीश (कक्ष संख्या-6) की कोर्ट ने तीनों को तीन अक्तूबर को तलब किया है।
भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश कुमार सक्सेना ने सांसद आजम खां और उनकी पत्नी पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपने पुत्र अब्दुल्ला के दो-दो जन्म प्रमाणपत्र बनवाए हैं। इसमें जन्म प्रमाणपत्र 28 जून 2012 को रामपुर की नगर पालिका परिषद से जारी किया गया है, जिसमें जन्म स्थान रामपुर दर्शाया गया है जबकि, दूसरा जन्म प्रमाणपत्र 21 जनवरी 2015 को लखनऊ नगर निगम से जारी कराया है, जिसमें जन्म स्थान लखनऊ दर्शाया गया है। दोनों जन्म प्रमाणपत्र कूट रचना और सुनियोजित षड्यंत्र रचकर निजी स्वार्थ के लाभ के लिए उपयोग किए गए।
इस मामले को लेकर आकाश सक्सेना ने लखनऊ में प्रमुख सचिव गृह के यहां शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने मांग की थी कि तत्काल पूर्व मंत्री आजम खां, राज्यसभा सदस्य डॉ. तंजीन फात्मा और विधायक अब्दुल्ला आजम खां के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए।
प्रमुख सचिव गृह ने तत्काल कार्रवाई को लेकर पुलिस अधीक्षक रामपुर को निर्देश दिए थे। इस पर पुलिस अधीक्षक रामपुर ने संपूर्ण जांच कर तीन जनवरी 2019 में आजम खां, तजीन फात्मा और अब्दुल्ला आजम के खिलाफ थाना गंज में मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस की जांच के बाद तथ्य सही पाए गए, जिसके बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। चार्जशीट लगने के बाद कोर्ट में वाद प्रारंभ हुआ और पैरवी 9 सितंबर पड़ी।
कोर्ट ने 19 सितंबर को मामले की सुनवाई करते हुए आजम खां, तजीन फात्मा और अब्दुल्ला आजम के विरुद्ध कोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए तुरंत नोटिस तामिल कराने के आदेश दिए है और आजम खान, तजीन फात्मा और अब्दुल्ला आजम खां को समन जारी कर दिया। कोर्ट ने तीनों को तीन अक्तूबर को पेश होने का आदेश दिया है।