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नमक को लेकर अफवाह थमी पर अभी तक बेचैनी बरकरार

Sun, 13 Nov 2016 12:22 AM IST
ब्यूराे/अमर उजाला रामपुर
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नमक को लेकर अफवाह थमी - फोटो : अमर उजाला
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नमक की कालाबाजारी को लेकर फैली अफवाह प्रशासन की सख्ती के बाद थम तो गई, लेकिन इसकी दहशत अभी भी बरकरार है। एक ओर लोगों में नमक के खत्म होने को लेकर संशय था, वहीं दुकानदारों में छापेमारी का खौफ। लिहाजा तमाम दुकानों से रातों रात नमक गायब हो गया। कुछ दुकानदारों ने तो दुकानों के शटर ही नहीं उठाए। फिलहाल इसको लेकर अब हालात सामान्य की ओर हैं।
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नोटबंदी की व्यवस्था से जूझ रहे लोगों के बीच शनिवार को अचानक नमक की कालाबाजारी को लेकर अफवाह फैल गई। इस अफवाह ने रामपुर ही नहीं बल्कि यूपी, उत्तराखंड और महाराष्ट्र तक को हिला दिया था। अफवाह के बाद एक्टिव हुए प्रशासन ने ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की तो हड़कंप मच गया। पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी की और फिर चार दुकानदारों को ज्वाला नगर, पुराना गंज और मिस्टन गंज से पकड़ लिया गया।

इस दौरान पुलिस को कई स्थानों पर हल्का बल भी प्रयोग करना पड़ा। शनिवार को बाजार खुले तो दुकानों से नमक ही गायब था। ज्वाला नगर, मिस्टन गंज, गुरुद्वारा रोड पर तमाम दुकानों पर नमक की एक थैली तक नहीं मिल रही थी।
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दुकानदारों का कहना था कि कल शाम के हंगामे के बाद नमक गायब हो गया लोग नमक को लूटकर ले गए। फिलहाल कुछेक दुकानदारों ने ही नमक को बेचा। इस बीच प्रशासन द्वारा की गई सख्ती के असर से तमाम दुकानदार भी भयभीत नजर आए। कई दुकानदारों ने शनिवार को दिन भर दुकानें बंद रखीं।

उनकी दुकानों के शटर न उठने से लोग भटकते हुए नजर आए। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए लोगों को सख्त चेतावनी देते हुए छोड़ दिया गया। इस बीच प्रशासन ने भी साफ कर दिया है कि नमक की कोई कमी नहीं है। सब कोरी अफवाह है। अफवाह फैलाने वालों और नमक की कालाबाजारी व किल्लत पैदा करने वालों पर कार्रवाई होगी।

मिलक में नमक की अफवाह रोकने में नाकाम प्रशासन ने नमक खरीदने गए ग्राहक को उठाकर हवालात में डाला। जिनको पुलिस प्रशासन ने वाहनों का शमन शुल्क बसूलकर देर रात छोडा।
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