कहीं भांगड़े की धुन पर थिरकते तो कहीं गतका पर करतब दिखाते बच्चे और कहीं सबद कीर्तन करते हुए चलती महिलाएं। यह दृश्य गुरु नानक देव महाराज के प्रकाशोत्सव पर निकाले गए नगर कीर्तन के दौरान देखने को मिला। इसका कई स्थानों पर स्वागत किया गया।
गुरु नानक देव महाराज के प्रकाशोत्सव के मौके पर गुरुद्वारा संत भाई जी बाबा से शनिवार को नगर कीर्तन निकाला गया। गुरुद्वरारा में अरदास के बाद नगर कीर्तन का कार्यक्रम शुरू हुआ। नगर कीर्तन में सबसे आगे गुरुद्वारा संत भाई जी बाबा द्वारा संचालित एबुलेंस चल रही थी। इसके बाद शहीद बाबा दीप सिंह शस्त्र विद्या दल के बच्चे गतके का प्रदर्शन करते हुए चल रहे थे।
लाठी,डंडे के साथ ही तलवार और ढाल का करतब दिखाते हुए चल रहे थे। इनके पीछे गुरु नानक पब्लिक स्कूल के बच्चे पीटी व भांगड़ा करते हुए चल रहे थे। छोटे बच्चे भांगड़े की धुन पर नृत्य करते हुए चल रहे थे। बाबा दीप सिंह नगर की महिलाओं का जत्था गुरुवाणी कीर्तन करते हुए चल रही थीं। सोनी बैंड गुरुवाणी की मधुर धुन बजाते हुए चल रही थी। नगर कीर्तन के अंत में पानी का छिड़काव करते हुए एक टीम चल रही थी।
युवा सिख सड़क की सफाई करते हुए चल रहे थे। नगर कीर्तन में सबसे पीछे पंज प्यारे फूलों से सजी गुरु ग्रंथ साहब की की पालकी की अगवानी करते हुए चल रहे थे। पालकी पर फूलों की बारिश की जा रही थी। पालकी साहब के पीछे स्थानीय संगत गुरु नानक देव जी द्वारा उच्चारण की गई वाणी का गायन करते हुए चल रही थीं।
नगर कीर्तन गुरु गोविंद सिंह पार्क से शुरू होकर मंदिर वाली गली, गुरुद्वारा रोड, गुरु नानक दरबार होकर वापस वापस गुरुद्वारा संत भाई जी बाबा पर जाकर संपन्न हुआ। इस मौके पर दर्शन सिंह खुराना, ओमकार सिंह, नरेंद्र पाल सिंह लक्की, भूपेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, जसमीत सिंह, हरविंदर लाल अरोड़ा, हरीश अरोड़ा, मोहन अरोड़ा, गुलशन अरोड़ा, जोगिंदर सिंह, गुरुदेव सिंह, त्रिलोचन सिंह, हरमिंदर सिंह, चरनमासी, रणजीत कौर, जोगिंदर कौर, गुरमीत कौर, महेंद्रजीत कौर, मंजीत, मनमीतसिंह मित्त आदि मौजूद रहे। गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी की ओर से पदाधिकारियोंको सिरोंपा भेंटकर सम्मानित किया गया।