बिलासपुर (रामपुर)। नगर के भाखड़ा डैम के जलाशय से हो रहे लगातार पानी के रिसाव के बीच मंगलवार दोपहर डैम के निकट दायीं ओर आंबेडकर पार्क व खोदलपुर को जाने वाले खड़ंजा मार्ग का बड़ा हिस्सा अचानक करीब सात फीट नीचे धंस गया।
देखते ही देखते सड़क पर गहरा गड्ढा बन गया और आंबेडकर पार्क में उतरने वाली सीढ़ियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं। घटना के बाद क्षेत्र में खलबली मच गई। डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने मौका मुआयना कर आवागमन बंद कर निगरानी व मरम्मत करने के निर्देश नहर विभाग के अधिकारियों को दिए।
मंगलवार दोपहर करीब दो बजे श्री शिव शीतला माता मंदिर के महंत महेंद्र सागर ने जब सड़क को धंसा देखा तो उन्होंने तुरंत एसडीओ (नहर) नंदलाल आर्य को सूचना दी। सूचना पाकर नहर विभाग के स्थानीय अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में एसडीएम आनंद कुमार कनौजिया, तहसीलदार अक्षय कुमार, पालिकाध्यक्ष चित्रक मित्तल और ब्लॉक प्रमुख कुलवंत सिंह औलख भी मौके पर पहुंच गए।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने स्थानीय पुलिस व नगर पालिका प्रशासन की मदद से गड्ढे वाले स्थान के चारों ओर बैरिकेडिंग लगवाकर आवाजाही पूरी तरह बंद करवा दी। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस कर्मियों को मौके पर तैनात कर दिया गया, ताकि कोई भी व्यक्ति गड्ढे के नजदीक न जा सके। मौके पर जमा भीड़ को पुलिस ने हटा दिया।
डीएम अजय कुमार द्विवेदी, एडीएम डॉ. नितिन मदन, एक्सईएन नहर नवीन कुमार सिंह और एक्सईएन लोक निर्माण विभाग भी मौके पर पहुंच गए।
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मौके का मुआयना कर नहर विभाग के अधिकारियों को गड्ढे की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भाखड़ा डैम का पानी दायीं भाखड़ा नहर की तरफ कटाव न कर सके। नहर विभाग के अधिकारियों ने जलाशय में पानी का दबाव कम करने के लिए दायीं भाखड़ा नहर का पानी खोल दिया। राहत व मरम्मत कार्य शुरू करा दिया गया है। -अजय कुमार द्विवेदी, डीएम
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गड्ढे को भरने व मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। सड़क धंसने का मामला नगर व क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अधिकारी मौके पर मुस्तैद रहकर राहत कार्य में जुटे हैं। -आनंद कुमार कनौजिया, एसडीएम
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रिसाव के कारण खोखली हो गई जमीन
मंगलवार दोपहर करीब दो बजे लोगों ने देखा कि भाखड़ा डैम के जलाशय के दायीं ओर बना खोदलपुर व श्री शिव शीतला माता मंदिर की ओर जाने वाला खड़ंजा अचानक धंस गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले हल्की दरार आई और देखते ही देखते करीब सात फीट गहरा गड्ढा बन गया। लोगों का कहना है कि जलाशय से लगातार हो रहे रिसाव के कारण जमीन खोखली हो गई थी। गड्ढा इतना बड़ा है कि आंबेडकर पार्क की सीढ़ियां भी उसकी चपेट में आकर टूट गई हैं।
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मंदिर में चल रहा था धार्मिक कार्यक्रम, महंत की सजगता से बचा बड़ा हादसा
डैम के निकट स्थित श्री शिव शीतला माता मंदिर में मंगलवार सुबह से ही धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन चल रहा था, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आ-जा रहे थे। धंसा हुआ खड़ंजा मार्ग ही मंदिर को जाने वाला मुख्य रास्ता है। मंदिर के महंत महेंद्र सागर ने बताया कि दोपहर जब उन्होंने जमीन में दरार और पानी का रिसाव तेज होते देखा तो उन्होंने तत्काल नहर विभाग के अधिकारियों को मामले की सूचना दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर महंत समय रहते सूचना नहीं देते तो इस रास्ते से गुजर रहे तमाम श्रद्धालु किसी बड़ी अनहोनी के शिकार हो सकते थे। महंत की सजगता से बड़ा हादसा टल गया।
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बड़े खतरे की आशंका
स्थानीय लोगों ने अधिकारियों को बताया कि अगर गड्ढे की मरम्मत शीघ्र नहीं हुई तो भाखड़ा डैम का पानी दायीं भाखड़ा नहर के जरिए कटाव कर नगर के मोहल्ला सामवार का बाजार, सिंह कॉलोनी, खोदलपुर समेत कुछ अन्य मोहल्लों में घुस सकता है। इससे बड़ी आबादी प्रभावित हो सकती है। लोगों की आशंका से प्रशासन भी सतर्क हो गया।
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पहले भी दी गई थी चेतावनी, धीमी गति पड़ी भारी
लोगों का कहना है कि अगस्त माह में सपा कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन देकर शिकायत की थी कि भाखड़ा डैम के फर्श में गहरे गड्ढे होने की वजह से पानी का रिसाव हो रहा है। तब नहर विभाग ने बल्लियां गाड़कर बहते पानी की धारा को मोड़कर रिसाव वाले स्थान को बंद करने का प्रयास किया था, लेकिन पहाड़ों पर हुई बारिश से डैम में पानी अधिक आने के कारण बल्लियां पानी में बह गईं और मरम्मत कार्य अधूरा रह गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नहर विभाग ने रिसाव को बंद करने का काम बेहद धीमी गति से किया।