रामपुर। लंबे समय से अधूरे पड़े लालपुर पुल का निर्माण 15 सितंबर के बाद शुरू हो सकता है। पुल निर्माण के लिए भेजे गए रिवाइज एस्टीमेट को शासन से मंजूरी मिल गई है। 34.35 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पुल के लिए वित्त कार्यालय की औपचारिकता लगभग पूरी हो गई हैं। संभवत: इसी सप्ताह इसको लेकर शासनादेश जारी हो सकता है। जिसके बाद पुल के निर्माण का काम शुरू हो जाएगा।
रामपुर और टांडा को जोड़ने वाला लालपुर पुल क्षेत्र के लोगों के लिए खास है। कोसी नदी पर अंग्रेजों के शासन में बना पुल काफी जर्जर हालत में था, जिस वजह से यहां नए पुल को मंजूरी मिली थी। 2014 में भेजे गए पुल के इस प्रस्ताव पर शासन की मुहर 2016 में लगी थी। करीब दस करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पुल के लिए तब सरकार ने करीब आठ करोड़ रुपये जारी कर दिए गए थे। इसके बाद पुल का काम शुरू हो गया था, जो 2017 तक चला। तब तक जारी किया हुआ पैसा खर्च हो चुका था और शासन से शेष धनराशि जारी नहीं की जा सकी थी। ऐसे में पुल का काम अधर में ही लटका रहा। यह काम करीब चार साल से लटका हुआ है। सेतु निगम के अफसरों की माने तो पुल की ड्राइंग में भी परिवर्तन किया गया है, जिस कारण पुल निर्माण पर खर्च होने वाला धन अधिक खर्च होगा। इसके अलावा चार साल का लंबा अंतराल हो गया, जिसकी वजह से मैटेरियल के दामों में भी इजाफा हुआ है। लिहाजा, सेतु निगम की ओर से 34.35 करोड़ रुपये का नया प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया था। 23 सितंबर 2020 को खुद उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रामपुर आकर पुल का निर्माण शुरू कराया था। तब उन्होंने पुल का पैसा शीघ्र ही जारी कराने की बात कही थी, लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से कामकाज सुस्त रहा।
अब जब कोरोना संक्रमण कम हो गया है, तो कामकाज फिर से पटरी पर लौटने लगा है। शासन ने लालपुर पुल के प्रस्ताव को मंजूरी देने के बाद वित्त विभाग भेज दिया था। जिसका शासनादेश जल्द ही जारी हो जाएगा। वहीं, वित्त विभाग की ओर से कुछ औपचारिकताएं और पूरी की जानी हैं, जिसके बाद पुल का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। अफसरों की मानें तो आगामी 15 सितंबर के आसपास पुल का निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि लालपुर पुल के लिए भेजे गए एस्टीमेट पर शासन की सहमति हो गई है, जल्द ही इसके निर्माण को लेकर शासनादेश जारी हो जाएगा।