रामपुर। राजस्व प्रशासन की टीम बृहस्पतिवार सुबह को एक बार फिर जौहर विवि पहुंच गई। यहां पर टीम सपा नेता आजम खां को शत्रु संपत्ति मामले में हाईकोर्ट से मिली सशर्त जमानत के आदेश मिलने के बाद शत्रु संपत्ति पर कब्जा लेने व तारबंदी करने के लिए पहुंची। इससे पहले बुधवार को भी टीम पूरे दिन विवि में रही और शत्रु संपत्ति की जमीन का चिह्नांकन किया। बृहस्पतिवार से टीम ने तारबंदी के लिए पिलर बनाने के लिए गड्ढों की खुदाई का काम शुरू कराया और कई पिलर भी बना दिए। कार्रवाई का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
हाईकोर्ट ने शत्रु संपत्ति के मामले में एक सप्ताह पहले रामपुर शहर विधायक आजम खां की जमानत मंजूर करते हुए आदेश दिए थे, कि शत्रु संपत्ति पर जिलाधिकारी कब्जा ले लें। जिसके बाद जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने उपजिलाधिकारी सदर मनीष मीणा को कार्रवाई के निर्देश दिए। बुधवार को उपजिलाधिकारी मनीष मीणा तहसीलदार सदर प्रमोद कुमार और लेखपालों की टीम के साथ जौहर यूनिवर्सिटी पहुंच गए, जहां यूनिवर्सिटी परिसर में स्थित शत्रु संपत्ति पर कब्जा ले लिया। करीब ढाई सौ बीघा जमीन पर कब्जा लेने के बाद जमीन का चिह्नांकन किया गया। बृहस्पतिवार को तहसीलदार सदर प्रमोद कुमार के नेतृत्व में टीम पहुंच गई। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी में शत्रु संपत्ति की करीब ढाई सौ बीघा जमीन है। पूरी जमीन चिह्नित होने के बाद जमीन की चार तरफ की लंबाई करीब चार किलोमीटर है। इस जमीन की घेराबंदी करने में 4052 मीटर तार लगेगा और करीब चार सौ पिलर लगेंगे। इसके लिए गड्ढे कराए गए और कुछ पिलर भी बनाए गए हैं। पिलर लगने के बाद तारबंदी का काम शुरु करा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यवाही पूरी होने तक जारी रहेगी।