रामपुर। सपा नेता आजम खां के खिलाफ दर्ज यतीमखाना बस्ती मामले में कोर्ट ने आरोपी रिटायर्ड सीओ आले हसन को झटका दिया है। कोर्ट ने इस मामले में गवाहों को दोबारा बुलाने के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है। अब इस मामले की सुनवाई 17 जुलाई को होगी। वहीं दूसरी ओर शत्रु संपत्ति मामले में भी सुनवाई नहीं हो सकी।
सपा नेता आजम खां के खिलाफ 2019 में यतीमखाना बस्ती को खाली कराने के नाम पर लूटपाट, मारपीट जैसे आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में तत्कालीन सीओ आले हसन को भी आरोपी बनाया गया था। यह मामला इस वक्त कोर्ट में विचाराधीन है। आले हसन अब रिटायर्ड हो चुके हैं। इस मामले में मंगलवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान मंगलवार को रिटायर्ड सीओ आले हसन की ओर से उनके अधिवक्ता ने गवाहों को दोबारा बुलाने का प्रार्थना पत्र दिया था, जिस पर सुनवाई हुई। सहायक शासकीय अधिवक्ता सीमा राणा ने प्रार्थना पत्र का विरोध किया, जिसके बाद एमपी-एमएलए कोर्ट ने उनका प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। एडीजीसी ने बताया कि इस मामले में रिटायर्ड सीओ की ओर से दिया गया प्रार्थना पत्र कोर्ट ने खारिज कर दिया है। अब इस मामले की सुनवाई 17 जुलाई को होगी। वहीं दूसरी ओर शत्रु संपत्ति मामले में भी कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान स्थगन प्रार्थना पत्र दिया गया,जिस पर सुनवाई के बाद इस मामले की सुनवाई के लिए 28 जुलाई की तारीख तय कर दी गई। इसके अलावा सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खां के खिलाफ मतदाताओं को मतदान से रोकने व धमकाने के मामले में भी सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले की सुनवाई 28 जुलाई को होगी।
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मूक बधिर किशोरी से दुष्कर्म मामले में आज भी होगी सुनवाई
रामपुर। सैफनी की मूक बधिर किशोरी के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में मंगलवार को भी कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से मंगलवार को तत्कालीन थानाध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह कोर्ट में पेश हुए, जहां उनकी गवाही हुई। उनकी गवाही पूरी हो गई है,लेकिन जिरह अभी बाकी है। इस मामले में अब बुधवार को भी सुनवाई होगी।