करीमगंज की राणा शुगर फैक्ट्री किसानों के करीब 60 करोड़ रुपये दबाकर बैठ गई। कई नोटिस के बाद भी जब भुगतान नहीं किया तो मिल के अध्यासी और सहायक प्रबंधक (वित्त एवं लेखा) के खिलाफ शाहबाद कोतवाली में रिपोर्ट कराई है।इससे पहले भी एक और रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है।
राणा शुगर फैक्ट्री ने पेराई सत्र 2015-16 में रामपुर गन्ना सहकारी समिति, मिलक, बदायूं, बिलारी, चंदौसी और मुरादाबाद गन्ना सहकारी समिति के माध्यम से किसानों का 38.92 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा था।
मिल को गन्ना मूल्य के 89.51 करोड़ रुपये का भुगतान करना था। लेकिन, मिल अभी तक सिर्फ 30 करोड़ रुपये का भुगतान कर सकी है। मिल पर किसानों के करीब 60 करोड़ रुपये बकाया है। शासनादेश के मुताबिक 14 दिन के भीतर गन्ने का भुगतान करना होता है, जबकि, मिल एक महीने पहले बंद हो चुकी है।
डीएम और जिला गन्ना अधिकारी की ओर से मिल को भुगतान के लिए कई नोटिस भेजे गए। भुगतान न करने का मामला शासन में भी पहुंचा। रामपुर समिति के सचिव साहब सिंह सत्यार्थी की ओर से शाहबाद कोतवाली में शुक्रवार को शासनादेशों और डीएम के टैगिंग आदेशों का उल्लंघन और किसानों को भुगतान न करने के आरोप में मिल के अध्यासी गुरबख्श सिंह, सहायक प्रबंधक (वित्त एवं लेखा) वीरेंद्र सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 420, 468, 120 बी और आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत रिपोर्ट कराई है।