रामपुर। धोखाधड़ी कर बैंक खाते से रुपये निकालने के मामले में महिला ने अपने पति और सास के खिलाफ सिविल लाइंस कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मामला सिविल लाइंस थाना क्षेत्र का है। दिल्ली निवासी अंशिका का कहना है कि उनकी शादी सहर्ष गुप्ता के साथ 2016 में हुई थी। 2018 में जब वह गर्भवती थी तो अपनी मां के पास दिल्ली चली गईं थीं। आरोप है कि इसी दौरान उनके पति और सास ने उसके बैंक खाते में दर्ज मोबाइल नंबर बदलवाने के लिए उनके नाम से फर्जी प्रार्थना पत्र दिया, जिसके बाद मोबाइल नंबर बदल गया। उनके स्थान पर दूसरा मोबाइल नंबर दर्ज हो गया। इसमें उनकी सास की मुख्य भूमिका है। आरोप है कि मोबाइल नंबर बदलवाने के बाद उनके खाते से 84329 रुपये निकाल लिए गए। इस मामले की शिकायत उन्होंने सिविल लाइंस पुलिस से की। सिविल लाइंस पुलिस ने सहर्ष गुप्ता और उनकी मां के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। दूसरी ओर सहर्ष गुप्ता का कहना है कि उनका अंशिका के साथ 13 मई 2019 में परिवार न्यायालय रामपुर के द्वारा पारित निर्णय के अनुसार तलाक हो चुका है। अंशिका की ओर से पूर्व में 10 फरवरी 2019 को एसपी रामपुर को प्रार्थना पत्र दिया गया था, जिसमें थाना सिविल लाइंस पुलिस की जांच में आरोप बेबुनियाद पाए थे। इसके बाद फिर 29 दिसंबर 2020 को फिर से एसपी रामपुर को दिया गया था, इसकी जांच आख्या में आरोप निराधार एवं असत्य पाए गए थे। उनका कहना है कि सिविल लाइंस कोतवाली की पुलिस दो बार आरोप को निराधार बता चुकी है। अब किस आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है यह समझ से परे है। सहर्ष का कहना है कि तलाक हो जाने के बाद भी अंशिका मुझे अपना पति बताती है। उन्होंने बताया कि अपने ढाई साल के बेटे की अभिरक्षा के लिए परिवार न्यायालय में मुकदमा दर्ज किया है। उसको वापस लेने के लिए दबाव बनाने के लिए झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।