रामपुर। सांसद आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी की 70.005 हेक्टेयर (लगभग 172 एकड़) जमीन अभिलेखों में राज्य सरकार के नाम पर दर्ज कर ली गई है। यह जमीन पहले मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट लखनऊ द्वारा अध्यक्ष मोहम्मद आजम खां के नाम पर दर्ज थी। इसको लेकर एडीएम (प्रशासन) की कोर्ट ने शनिवार को आदेश दिए थे।
सांसद आजम खां की अध्यक्षता वाली जौहर ट्रस्ट की ओर से जौहर यूनिवर्सिटी का संचालन किया जाता है। आजम खां ने 2005 में यूनिवर्सिटी के लिए जमीन खरीदने की इजाजत प्रदेश सरकार से मांगी थी। मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाली सरकार ने जौहर ट्रस्ट को साढ़े बारह एकड़ से अधिक जमीन खरीदने के छूट कुछ शर्तों के आधार पर दी। इसके बाद ट्रस्ट की ओर से जमीन की खरीद भी की गई। 2019 में आरोप लगाए गए थे कि जिन शर्तों पर जौहर ट्रस्ट को जमीन खरीदने के लिए छूट दी गई थी उनका पालन नहीं किया गया है। इन आरोपों की जांच जिलाधिकारी ने तत्कालीन एसडीएम (सदर) से कराए थे, जो सच पाए गए। इसके बाद जिलाधिकारी की कोर्ट में एक वाद दर्ज किया था। जिलाधिकारी की वाद को सुनवाई के लिए एडीएम (प्रशासन) की कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया था। कई माह तक सुनवाई चलने के बाद एडीएम (प्रशासन) की कोर्ट शनिवार को फैसला सुनाया था कि जौहर यूनिवर्सिटी की साढ़े बारह एकड़ जमीन को छोड़कर शेष 172 एकड़ जमीन राज्य सरकार में निहित कर ली जाए। कोर्ट ने जमीन पर कब्जा लेने के लिए एसडीएम सदर को आदेशित किया था। एडीएम कोर्ट के आदेश के बाद एसडीएम सदर ने सोमवार ने अभिलेखों में जौहर यूनिवर्सिटी की 172 एकड़ जमीन को राज्य सरकार के नाम पर दर्ज कर दिया।
एडीएम (प्रशासन) की कोर्ट के फैसले के मुताबिक जौहर यूनिवर्सिटी की साढ़े बारह एकड़ जमीन को छोड़कर शेष 172 एकड़ जमीन अभिलेखों में राज्य सरकार के नाम पर दर्ज कर ली गई है। जमीन राज्य सरकार के नाम पर दर्ज होने के बाद अब शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
- आन्जनेय कुमार सिंह, जिलाधिकारी