रामपुर। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के चरम पर होने के दौरान जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत विभिन्न पदों पर 72 संविदा कर्मियों को रखा गया था लेकिन, कोरोना संक्रमण का असर कम होने पर इनमें से करीब 30 कर्मियों का नवीनीकरण नहीं किया गया। ऐसे में अब एक बार फिर जब कोरोना की तीसरी लहर की आशंका बढ़ गई है तो इन कर्मियों की कमी चुनौती बनेगी। हालांकि विभागीय अधिकारी कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने पर इन कर्मियों का पुन: नवीनीकरण होने की बात कह रहे हैं।
जिले में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में पहली लहर की तुलना में करीब चार गुना तक संक्रमण के मामले बढ़े थे तो वहीं दूसरी लहर में कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या भी पहली लहर की तुलना में करीब दोगुनी रही थी। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के चरम पर होने के दौरान जब स्वास्थ्य विभाग में कर्मियों की कमी से सेवाएं प्रभावित होने लगीं तो शासन ने जिले में स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, बार्ड ब्वॉय/अटेंडडेंट आदि के पदों पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 72 कर्मियों की तैनाती की थी। जिससे सभी स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर और प्रभावी ढंग से मिल सके लेकिन, जब कोरोना संक्रमण का असर कम हुआ तो इनमें से करीब 30 कर्मियों की सेवा का नवीनीकरण नहीं किया गया। जिससे एक बार फिर तमाम पदों पर कर्मियों की कमी चल रही है। वहीं लगातार कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं और फरवरी माह में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है, ऐसे में नियमित और संविदा कर्मियों की ये कमी बड़ी चुनौती बनेगी।