रामपुर। हाथरस में हुए हादसे के बाद शहर की तंग गलियों में स्थित धर्मस्थलों के तंग रास्तों पर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां भी धर्मस्थलों पर आयोजन के दौरान लोगों के निकलने के बंदोबस्त नहीं हैं। जिससे धार्मिक आयोजनों के दौरान लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है।
ऐसे में सभी धर्मों के गुरुओं का कहना है कि धार्मिक आयोजन के दौरान अधिक भीड़ होना उचित नहीं है। आयोजन के दौरान आयोजक की ओर से व्यवस्थाओं को पूरी तरह से दुरुस्त रखना चाहिए। रामपुर में मौजूदा समय में कई बड़े धर्मस्थल हैं, जहां पर रोजाना आस्था का सैलाब उमड़ता है।
धार्मिक उत्सवों पर आयोजन होते हैं, जिनमें हजारों की संख्या में भीड़ आती है। अधिकांश जगहों पर आयोजक पहले से आगमन और निकासी का रास्ता नहीं रखते, जिससे भीड़ बेकाबू हो जाती है। धर्मगुरुओं का कहना है कि आयोजकों को उतनी ही भीड़ रखनी चाहिए जितनी कार्यक्रम स्थल की क्षमता हो।