घारमपुर की गोशाला में खुली प्रदेश सरकार के गोवंशीय पशुओं के संरक्षण की हकीकत
एसडीएम के निरीक्षण में दो गोवंशी पशु मिले मृत, चार दिन पूर्व मौत होने की बात आई सामने
शाहबाद (रामपुर)। प्रदेश सरकार गोवंशीय पशुओं के सरंक्षण को लेकर तमाम दावे कर रही है। वृहद गोवंशीय पशु सरंक्षण केंद्र बनाए जा रहे हैं, लेकिन गोशालाओं में गोवंशीय पशुओं को लेकर हकीकत कुछ ओर ही है। सोमवार को एसडीएम के औचक निरीक्षण में घारमपुर गोशाला में पशु चिकित्सक की बड़ी लापरवाही सामने आई है। दो गोवंशीय पशु गोशाला में चार दिन से मृत पड़े हुए थे। जिसको देखकर एसडीएम ने नाराजगी जाहिर की। निरीक्षण की पूरी रिपोर्ट डीएम को प्रेषित की जाएगी।
सोमवार को एसडीएम अरुण मणि तिवारी द्वारा तहसील क्षेत्र के घारमपुर गांव स्थित गोशाला का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पशु चिकित्सक की बड़ी लापरवाही सामने आई है। एसडीएम के निरीक्षण में दो गोवंशीय पशु पिछले चार दिन से मृत अवस्था में पड़े हुए पाए गए। एसडीएम ने गोशाला में पशु चिकित्सक की लापरवाही देखकर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। एसडीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि चार दिन से पशु मृत अवस्था में पड़े हैं। एसडीएम ने पशु चिकित्सक की कार्यशैली की गंभीरता पर सवाल खड़े किए है। इस दौरान एसडीएम ने मृत मिले गोवंशीय पशुओं को दफन करने के निर्देश दिए गए। एसडीएम ने पूरे निरीक्षण की रिपोर्ट रामपुर डीएम को प्रेषित कर दी है, जबकि गोशाला में मौजूद सभी पशुओं को मिलक के नवीन गोशाला में स्थानांतरण किया जा रहा है।
- गोशाला का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण में चार दिन पूर्व गोवंशीय पशु मर गए थे, जोकि ऐसी ही पड़े थे। पशुओं के मृत होने की स्थिति से साफ पता लग रहा है कि पशु चिकित्सक द्वारा गोशाला में नियमित रूप से भ्रमण नहीं किया जाता है। अब गोशाला में जितने गोवंश पशु है। सभी पशुओं का स्थानांतरण मिलक किया जा रहा है। पूरे प्रकरण की रिपोर्ट डीएम को सौपेंगें।
- अरुण मणि तिवारी, एसडीएम शाहबाद।