दुर्लभ पांडुलिपियों और पुस्तकों के लिए दुनिया भर में ख्याति प्राप्त रामपुर की रजा लाइब्रेरी को एक और उपलब्धि हासिल हुई है। एयर कनाडा की इन फ्लाट पत्रिका एनरूट ने दुनिया की दस लाइब्रेरियों में रजा लाइब्रेरी को आठवें स्थान पर रखा है।
रजा लाइब्रेरी के किताबी खजाने में 17 हजार पांडुलिपियां और 60 हजार किताबें हैं। इनमें हजरत अली के हाथ से हिरन की खाल पर लिखी कुरआन है तो सुमेर चंद की फारसी में सोने के पानी से लिखी रामायण। इन दुर्लभ पांडुलिपियों को देखने और शोध कार्य के लिए दुनिया भर से लोग यहां आते हैं। इसे एशिया की सबसे बड़ी लाइब्रेरी का दर्जा हासिल है।
रामपुर की रजा पुस्तकालय में संस्कृत, हिंदी, उर्दू, पश्तो अन्य महत्वपूर्ण पुस्तकें दस्तावेजों के अलावा इस्लामी धर्म ग्रंथ कुरान ए पाक के पहले अनुवाद की मूल पांडुलिपि है, तमिल और तुर्की में मुद्रित भी हैं, और लगभग 30,000 मुद्रित किताबें और पत्रिकाएं अनेक भाषाओं में मौजूद हैं।
लाइब्रेरी के पीआरओ हिमांशु सिंह ने बताया कि एयर कनाडा की इन फ्लाइट पत्रिका फ्रेंच और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्रकाशित होती है। पत्रिका का मुख्यालय मॉन्ट्रियल, क्यूबेक में है। इस पत्रिका ने रामपुर की रज़ा लाइब्रेरी को अपने दुर्लभ संग्रह और शानदार भवन के लिए दुनिया की दस आश्चर्यजनक लाइब्रेरी में आठवां स्थान प्रदान किया है।