काठगोदाम नेशनल हाईवे का मामला अब भाकियू हाईकमान तक पहुंच गया। किसानों की लड़ाई अब प्रदेश स्तर पर लड़ी जाएगी। भोट की जमीनों का रेट मुजफ्फरनगर के सिसौली में 18 नवंबर को होने वाली पंचायत में तय होंगे। चेतावनी दी कि अगर इस हिसाब से मुआवजा नहीं मिला तो किसी भी हालत में नेशनल हाईवे बनने नहीं दिया जाएगा।
भोट के तमाम किसानों के मकान, दुकान और धार्मिक स्थल काठगोदाम नेशनल हाईवे की जद में आ रहे हैं। मुआवजा तय करने में भी अनियमितताएं बरती जा गई हैं। भोट के ग्रामीण चाह रहे हैं या तो उचित मुआवजा मिले या फिर हाईवे आबादी से बचाकर निकाला जाए। यह मुद्दा कई दिन से गरमा रहा है। किसान संगठन के साथ राजनीतिक संगठन भी आंदोलन में कूद पड़े हैं। यह मुद्दा अब भाकियू हाईकमान के पास पहुंच गया है।
भाकियू कार्यालय पर मंगलवार को किसानों ने राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को भोट मामले से अवगत कराया। किसानों की बात सुनने के बाद राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने भरोसा दिलाया कि वह घबराएं नहीं। भोट के किसानों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। भोट की जमीनों के रेट मुजफ्फरनगर में तय किए जाएंगे। उसी के हिसाब से किसानों को मुआवजा दिलाया जाएगा।