सनसनीखेज वारदात कोतवाली क्षेत्र के ग्राम डिबडिबा की सोढ़ी कॉलोनी में हुई। बिहार के मुजफ्फपुर जिले के निवासी ने पुलिस को बताया कि उसका सात वर्षीय पुत्र रक्षाबंधन पर उत्तराखंड सीमा से सटे गांव में ससुर के घर आया था। वह पानीपत जिले में रहकर मजदूरी कर रहे हैं। उसका बेटा चार नवंबर को ससुराल के बाहर खेल रहा था।
शाम को ससुर के पड़ोसी शिवा पुत्र रामकुमार निवासी ग्राम टेहरा थाना पलिया जिला लखीमपुर खीरी ने उसका अपहरण कर लिया। उसके ससुराल वाले बेटे को खोजते रहे मगर उसका पता नहीं चल सका। इसके बाद वह भी ससुराल पहुंच गया और सात नवंबर की रात उन्होंने कोतवाली पहुंचकर अपहरण की रिपोर्ट पड़ोसी शिवा के खिलाफ दर्ज कराई।
कोतवाली प्रभारी नवाब सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में जब जांच की गई तो पता चला कि शिवा पैदल ही बच्चे को लेकर जा रहा था। मुखबिर की सूचना पर आरोपी शिवा को नैनीताल हाइवे स्थित बंगाली कॉलोनी मोड़ के समीप गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ करने पर शिवा ने अपना गुनाह कबूल कर लिया और निशानदेही पर बच्चे का सिर कुचला हुआ शव गन्ने के खेत से बरामद लिया गया। पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी घटनास्थल पर पहुंचे।
पुलिस ने मौके से हत्या में प्रयुक्त पत्थर भी बरामद कर लिया। बकौल पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकारा कि वह गन्ना खिलाने के बहाने बालक को खेत में ले गया था। इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर पत्थर उसकी सिर कुचलकर हत्या कर दी। बाद में शव को गन्ने की पत्तियों से छुपा दिया। पुलिस ने मौके से पत्थर भी बरामद कर लिया और शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा है।
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि आरोपी शिवा बीते करीब साढ़े चार माह से सोढ़ी कॉलोनी में किराए के मकान में रहकर गांव स्थित फैक्ट्री में मजदूरी करता है। बच्चा अपने माता-पिता के साथ रक्षाबंधन पर ननिहाल में आया था। इसके बाद माता-पिता तो चले गए मगर वह अपनी ननिहाल में ही रह रहा था। आरोपी शिवा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।