सपा शासनकाल में सूबे में सीएम के बाद नंबर टू का दर्जा रखने वाले कद्दावर मंत्री आजम खां के गृहनगर की वजह से रामपुर की गिनती वीआईपी जिलों में होती थी। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को सीएम बनाकर इस बात के संकेत दे दिए हैं। रामपुर की विकास योजनाओं पर अब योगी सरकार की सीधी नजर रहेगी। रामपुर को केंद्र व राज्य सरकार में दो-दो मंत्री मिलने के बाद यूपी सरकार ने उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को जिले का प्रभारी मंत्री बनाकर यह संदेश दिया गया है कि सरकार की सीधी नजर रामपुर पर टिकी हुई है। यानि रामपुर एक बार फिर वीआईपी शहर में गिना जाएगा।
नवाबों का शहर रामपुर यूं तो हर किसी सरकार में कहीं न कहीं राजनीतिक लिहाज से मजबूत रहता है। सपा सरकार में आजम खां के कैबिनेट मंत्री रहते पहले यह शहर वीआईपी श्रेणी में रह चुका है। अब यूपी में भाजपा की सरकार बनने के बाद भी रामपुर को सरकार की ओर से प्रतिनिधित्व दिया गया है। बलदेव सिंह औलख को प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री बानया गया है। इसके अलावा मु्ख्तार अब्बास नकवी मोदी सरकार में पहले से ही अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हैं। इस बीच योगी सरकार की नजर रामपुर के विकास पर सीधे तौर पर टिक गई है। सरकार ने प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को रामपुर का प्रभारी मंत्री बनाया है।
यानि अब उन्हीं की देखरेख में ही रामपुर की तमाम विकास की योजनाएं संचालित होंगी। दिनेश शर्मा को रामपुर का प्रभारीमंत्री बनाए जाने के बाद भाजपाइयों में भी उत्साह है। साथ ही प्रशासनिक हलके में भी खलबली मची है। इसकी वजह यह है कि अब विकास योजनाओं पर सीधी नजर उप मुख्यमंत्री द्वारा रखी जाएगी इसलिए अब क्या होगा। जिले की विकास योजनाओं पर कितना पैसा खर्च होगा और कहां कितना विकास होगा इस पर सरकार की निगहबानी रहेगी। यानि सरकार की नजर में रामपुर की अहमियत कम नही है। रामपुर एक बार फिर वीआईपी शहरों की श्रेणी में शामिल हो गया है।