बांटने के बजाय गरीबों का राशन राशन विक्रेता के पास ही मिला। डिप्टी कलेक्टर को 15 बोरी राशन मिला,जिसके बाद यहां पर राशन वितरण न करने की भी शिकायत मिली है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
राशन वितरण न करने के मामले की शिकायत पिछले दिनों डीएम से की गई थी। डीएम ने इस मामले की जांच डिप्टी कलेक्टर प्रवेंद्र कुमार को सौंप दी। जांच मिलने के बाद डिप्टी कलेक्टर बुधवार को चमरौवा विकास खंड क्षेत्र के बढ़पुरा शर्की गांव पहुंचे,जहां उन्होंने राशन की दुकान को चेक किया।
राशन का वितरण यहां पहले ही किया जा चुका है। ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई तो यहां 15 बोरी राशन की मौके पर ही पाई गई। बताया जाता है कि राशन की यह बोरियां गरीबों को बंटने के लिए आई थीं,लेकिन राशन विक्रेता ने वितरण की तारीख के बाद भी राशन नहीं बांटा था। इस बारे में डिप्टी कलेक्टर ने राशन विक्रेता के बयान दर्ज किए। इसके अलावा शिकायतकर्ता प्रधानपति व अन्य ग्रामीणों के भी बयान दर्ज किए गए। ग्रामीणों का कहना था कि राशन विक्रेता ग्रामीणों को राशन ही नहीं बांटता है, जिसकी वजह से दिक्कत हो रही है।
गरीबों का राशन ब्लैक कर दिया जाता है। उ्नहोंने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। डिप्टी कलेक्टर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट जल्द ही डीएम को सौंपी जाएगी। दूसरी ओर मियांगंज के लोगों ने सस्ता गल्ला को दो बार निलंबित हो चुकी राशन की दुकान को निरस्त करने की मांग की है।