यह था मामला
भुड़ासी गांव में शनिवार रात बरात चढ़त के दौरान बाबा साहब भीमराव आंबेडकर से जुड़े गीत को लेकर अन्य जाति के कुछ लोगों ने न केवल विरोध किया, बल्कि बरात पर पत्थरबाजी कर दी। यही हथियार लहराकर बरातियों को दौड़ा दिया। घटना से गुस्साए लोगों ने रविवार को कोतवाली घेर कर कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने ग्राम प्रधान समेत आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि बरात में खलल डाले जाने की सूचना पुलिस को दी गई थी, फिर भी समय पर कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि विवाद के दौरान आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और उन्हें अपमानित किया।
इतना ही नहीं बरातियों के लिए तैयार किया गया खाना भी बर्बाद कर दिया। दहशत के माहौल में जैसे -तैसे शादी संपन्न कराई गई। घटना के विरोध में रविवार सुबह कोतवाली पहुंचे लोगों ने हंगामा किया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्राम प्रधान राकेश सहित आठ लोगों विकास, नेमपाल, कमल, अनिल, अरविंद, मासे और राकेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हफ्तेभर में तीन बरातों में हंगामा, पुलिस पर संरक्षण के आरोप
भुड़ासी गांव में बरात में हुए विवाद के बाद सामने आया है कि बीते एक सप्ताह में तीन ऐसी घटनाएं हुई हैं। लोगों का आरोप है कि इन सभी घटनाओं की पूर्व सूचना पुलिस को दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे आरोपियों का मनोबल बढ़ता गया और लगातार घटनाएं होती रहीं।
रुस्तमपुर में भी हुआ था विवाद, चार आरोपी भेजे गए थे जेल
एक मई की रात रुस्तमपुर गांव में शादी के दौरान बाबा साहब से जुड़े गीत बजाने को लेकर दूसरी जाति के लोगों ने हंगामा कर दिया था। विवाद बढ़ने पर जयमाला तक रुक गई थी। पुलिस ने दो मई की सुबह मौके पर पहुंचकर जयमाल संपन्न कराई थी। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को जेल भेजा था।