रामपुर सीट पर भाजपा प्रत्याशी घनश्याम सिंह लोधी को मिली हार का कारण कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटना बताया गया। हार की समीक्षा के लिए पहुंचे पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष मानवेंद्र सिंह के सामने पदाधिकारियों ने कहा कि अफसर उनकी बात नहीं सुनते हैं। इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट जाता है।
इसके चलते कार्यकर्ताओं ने चुनाव में भी दिलचस्पी नहीं दिखाई। समीक्षा के दौरान पर्यवेक्षक ने बारी-बारी से पदाधिकारियों से जानकारी ली। लोकसभा चुनाव में भाजपा ने रामपुर सीट गंवा दी। हार के बाद भाजपा प्रत्याशी घनश्याम सिंह लोधी ने भीतरघात होने का आरोप लगाया था।
साथ ही इसकी जांच कराने की मांग की थी। पार्टी ने सीटवार हार की समीक्षा शुरू कर दी है। रामपुर सीट की हार की समीक्षा के लिए प्रदेश उपाध्यक्ष मानवेंद्र सिंह और पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश महामंत्री राम सिंह प्रधान को रामपुर भेजा गया।
शुक्रवार को दोनों पर्यवेक्षकों ने पांच चरणों में बैठक की और हर चरण में अलग-अलग विधानसभा के चुनाव में बने विधानसभा प्रभारी, विधानसभा संयोजक, और वहां के जनप्रतिनिधि, जिला पदाधिकारी और मंडल अध्यक्षों को बुलाया गया।
बारी-बारी से हर विधानसभा की बैठक ली गई और उसमें उपस्थित जनप्रतिनिधि, जिला कमेटी के सदस्य और मंडल अध्यक्ष से चर्चा की। मानवेंद्र ने सबसे उनका पक्ष जाना और आश्वासन दिया कि आने वाले समय में वह उच्च स्तर पर हमारे नेताओं के साथ बैठेंगे और उनको संपूर्ण जानकारी देंगे।
इसकी राष्ट्रीय स्तर पर भी समीक्षा होगी। उन्होंने आश्वासन दिया के जिन गलतियों की वजह से हार मिली है, उन्हें दूर किया जाएगा। इस मौके पर जिला प्रभारी राजा वर्मा, जिलाध्यक्ष हंसराज पप्पू, पूर्व विधायक बीना भारद्वाज, सुरेश गंगवार, मोहन लाल सैनी, अभय गुप्ता मौजूद रहे।
जिला महामंत्री अशोक बिश्नोई, हरीश गंगवार, जिला उपाध्यक्ष प्रेम शंकर पांडे, महेश मौर्या, मोहन कुमार लोधी, अनुज सक्सेना, पंकज लोधी, चित्रक मित्तल, जगपाल यादव, जिला मीडिया प्रभारी अर्जुन रस्तोगी, भारत भूषण गुप्ता शामिल रहे।