रामपुर रियासत के सर्वोच्च सम्मान कहे जाने वाले निशान-ए-इकबाल को ऑनलाइन दो बार नीलाम किया जा चुका है। ऐसा एक अंतर्राष्ट्रीय ऑनलाइन कंपनी का दावा है। कंपनी का दावा है कि हीरे और सोने से बने इस मेडल को पहली बार 2012 और दूसरी बार 2017 में नीलाम किया गया है।
ऑनलाइन बिक्री साइट ने दावा किया है कि रामपुर रिसायत के सर्वोच्च सम्मान निशान-ए-इकबाल को यहां के शासक नवाब हामिद अली खां पहनते थे। 1.6 कैरेट का हीरा जड़ित यह दुर्लभ मेडल है। इसमें सोने का भी प्रयोग किया गया है।
1927 में इसे रामपुर के शासक ने पहना था। इस वेबसाइट के मुताबिक 2012 में निशान-ए-इकबाल को पांच लाख रुपये और 2017 में इसे 7.20 लाख रुपये में बेचा जा चुका है। रामपुर रियासत के अंतिम शासक नवाब रजा अली खां को भी निशान-ए-इकबाल मिला था।
इससे पहले भी रामपुर रियासत से जुड़ी कई दुर्लभ वस्तुओं की दुनिया के कई देशों में ऑनलाइन नीलामी की बात सामने आ चुकी है। नवाब का ताज लंदन में नीलाम किया गया था। नवाब की कीमती वस्तुएं विदेश कैसे पहुंच गईं यह रहस्य बना हुआ है।