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Rampur News: प्रतिबिंब पोर्टल की मदद से रामपुर पुलिस ने पकड़ा अंतराज्यीय गैंग

Tue, 28 Oct 2025 01:36 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
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रामपुर। पुलिस व साइबर सेल की टीम ने समन्वयक और प्रतिबिंब पोर्टल की मदद से साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गैंग को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 10 दिन तक 15 मोबाइल नंबरों को 24 घंटे ट्रेस किया। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में पुलिस तीन दिन उस घर की निगरानी करती रही। चौथे दिन रात को छापा मारा और आठ लोग पकड़े गए।
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पोर्टल की मदद से जिले की पुलिस को 15 मोबाइल नंबर मिले। ये नंबर साइबर अपराध में शामिल थे और रामपुर जिले में चले थे। पुलिस ने इन नंबरों को सर्विलांस में लगाया। इसमें से पांच नंबर ऐसे मिले, जिनमें तीन दिन में एक से 10 सेकेंड की बात हुई थी। इसके बाद पुलिस ने इन नंबरों से जिन व्यक्ति से बात हुई थी, उन लोगों से बात की। सात दिन रैकी के बाद एक दिन पांच मोबाइल नंबर सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में एक साथ ऑन हुए। पुलिस ने इनकी लोकेशन के आधार पर घर तलाश किया। तीन दिन सादे कपड़ों में पुलिस इस घर के आसपास 24 घंटे तैनात रही और मकान में आने-जाने वाले लोगों को ट्रेस करती थी। रविवार रात इस घर में छापा मारा गया। इस दौरान भारी मात्रा में मोबाइल, सिम, एटीएम आदि मिले।

सिम और एटीएम का बना लेते थे क्लोन

पुलिस जांच में सामने आया है कि साइबर ठग गरीब लोगों को अपना निशाना बनाते थे। वह इनके आधार से सिम लेते थे। इसके बाद बैंक में अकाउंट खुलवाते थे। एटीएम और सिम का क्लोन बना लेते थे। साथ ही इन अकाउंट में मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग भी एक्टिवेट कर लेते थे। इसके एवज में अनपढ़ और गरीब लोगों को पांच से 10 हजार रुपया देते थे।
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चेक में मिले है अंगूठे के निशान
पुलिस ने जो चेक बुक बरामद की है। उन चेक बुक में अंगूठे के निशान और हस्ताक्षर मिले हैं। इससे साफ है कि गैंग के सदस्य पहले ही लोगों से चेक बुक में हस्ताक्षर और अंगूठे का निशान लगा लेते थे।

दक्षिण भारत से ऑपरेट होता था गैंग

रामपुर में पकड़ा गया अंतरराज्यीय साइबर ठग गैंग का संचालन दक्षिण भारत से होता था। अधिकांश चेक बुक, बैंक अकाउंट, सिम झारखंड, बिहार, केरल और छत्तीसगढ़ के मिले हैं। पुलिस गैंग के सरगनाओं की तलाश में है। पूछताछ में पांच लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस इन लोगों की तलाश में जल्द ही उत्तराखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, केरल जाएगी। एडिशनल एसपी अनुराग सिंह ने बताया कि डाटा साइबर क्राइम टीम को शेयर किया जा रहा है।


पांच मिनट में पांच अकाउंट में कर देते थे पैसा ट्रांसफर

एडिशनल एसपी अनुराग सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया है कि पकड़े गए साइबर ठग ठगी के पैसों को एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर करते थे। साथ ही रामपुर और उत्तराखंड के एटीएम, बैंक से पैसे निकालने की बात सामने आई है। इसकी जांच की जा रही है। पुलिस जांच में सामने आया है कि ठग पांच मिनट में पैसा पांच अकाउंट में ट्रांसफर कर देते थे।


पुलिस ने 80 से अधिक बैंक अकाउंट को किया फ्रीज

पुलिस की जांच में सामने आया है कि साइबर ठग ने यहां से 80 अकाउंट में पैसा ट्रांसफर किए हैं। इन अकाउंट को फ्रीज कर दिया गया है। एसपी विद्यासागर मिश्र ने बताया कि मामले की गहन जांच के लिए टीम का गठन कर दिया है। टीम लगातार छापे मार रही है। अकाउंट के लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है। कहा कि इन खातों से करोड़ों रुपयों के लेनदेन की बात सामने आई है।

साइबर क्राइम से पैसा कमाकर ठगों ने खरीदा मकान
साइबर ठग रामपुर में जिस मकान से साइबर ठगी कर रहे थे, उस मकान को करीब छह महीने पहले ठगों ने खरीद लिया था। एडिशनल एसपी अनुराग सिंह ने बताया कि पूछताछ में प्रथम दृष्टया ये सामने आया है कि मकान इन लोगों ने खरीदा है। तहसील प्रशासन से इसकी जांच कराई जा रही है। इसके बाद पता लगाया जाएगा कि मकान खरीदने के लिए पैसा कहां से आया।
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