सुन्नी। प्रदेश में 15वें वित्त आयोग के तहत पंचायतीराज प्रतिनिधियों के लिए 327 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। इसके तहत नवनिर्वाचित प्रतिनिधि अपने क्षेत्र का विकास कर सकेंगे।
ग्रामीण विकास पंचायतीराज कृषि पशुपालन एवं मत्स्य पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने रविवार को शिमला ग्रामीण के सुन्नी क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। उन्होंने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को प्राथमिकता पर विकास कार्य करने के निर्देश दिए। इससे पहले उन्होंने 2 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से सुन्नी हरि गोसदन का शिलान्यास किया। जिले में यह पहला अत्याधुनिक गोसदन होगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 90 दिन के भीतर गोसदन का कार्य पूरा किया जाए। उन्होंने बीज प्रज्जनन फ ार्म सुन्नी को सुचारु रूप से चलाने और इसका आधुनिकीकरण करने के साथ भवन निर्माण और स्टाफ का प्रबंध करने के भी अधिकारियों को निर्देश दिए।
उन्होंने पशु चिकित्सालय भवन सुन्नी के साथ अन्य भवन के निर्माण के लिए 20 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को सभी प्रक्रियाएं पूरा कर जल्द कार्य आरंभ करने के आदेश दिए। कार्यक्रम में गोसेवा आयोग के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक शर्मा, मंडलाध्यक्ष दिनेश ठाकुर, बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ संघ के सह संयोजक प्रमोद शर्मा, कृषि विशेषज्ञ अरूण सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
गौरी गाय के संरक्षण से होगी हिमाचल की पहचान : कंवर
पंचायतीराज मंत्री ने कहा कि हिमाचल मूल की पहाड़ी गाय जो 5 हजार फीट और इससे अधिक ऊंचाई पर रहती है। इसके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए केंद्र को भेजी गई परियोजना की स्वीकृति मिल गई है।
इस कार्य पर 10 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस स्वीकृति से हिमाचल की पहचान गौरी गाय का संरक्षण होगा। गाय के संवर्धन नस्ल और दूध बढ़ोतरी के लिए भी इस परियोजना से मदद मिलेगा।