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चैत्र नवरात्र पर कम संख्या में मंदिर पहुंचे श्रद्धालु

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मां भीमाकाली मंदिर में प्रथम नवारात्रे के दिन दर्शन कर लौटते श्रद्धालु। - फोटो : RAMPUR-HP
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रामपुर/ज्यूरी/नित्थर। कोविड महामारी की दूसरी लहर के बीच मंगलवार से चैत्र माह के नवरात्र शुरू हुए। हालांकि रामपुर उपमंडल के मंदिरों में चैत्र नवरात्र के पहले दिन कम संख्या में ही श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। वहीं कमेटियों ने मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए कोविड नियमों को सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता इंतजाम किये गए हैं। थर्मल स्क्रीनिंग और पंजीकरण के बाद ही मंदिरों में प्रवेश दिया जा रहा है। इस दौरान मास्क पहनने और सामाजिक दूरी बनाए रखने के निर्देश श्रद्धालुओं को दिए जा रहे हैं।
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मां भीमाकाली मंदिर सराहन, 12/20 स्थित श्राईकोटी माता मंदिर, मां महिषासुर मर्दिनी महालक्ष्मी माता मंदिर खोपड़ी सहित अन्य मंदिरों में कोविड नियमों के तहत श्रद्धालुओं ने शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मां भीमाकाली मंदिर के मुख्य पुजारी पूर्ण शर्मा ने कहा कि मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए सुबह 6 बजे मंदिर के कपाट खोल दिए गए थे। कोरोना संक्रमण के चलते चैत्र नवरात्र के पहले दिन मंदिर में कम संख्या में श्रद्धालुओं ने अपनी हाजिरी भरी। शाम 7:30 बजे मंदिर के कपाट बंद होंगे। उप तहसील नित्थर के बूढ़ा महादेव मंदिर में पहले नवरात्र पर स्थानीय लोगों ने माथा टेका।
कोविड-19 महामारी के कारण पिछली बार की तरह इस बार भी ज्यादा लोग पूजा में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। दिनभर दूर-दूर से श्रद्धालु मंदिर में दर्शन को आते रहे। स्थानीय लोगों ने घर में गणपति की पूजाकर पहले नवरात्र का आगाज किया। ग्रामीणों ने घरों में हवन किए। पहले नवरात्र और अष्टमी में यहां पर हवन का आयोजन किया जाता है और पूजा-अर्चना करते हैं। पुजारी सदानंद शर्मा के मुताबिक नवरात्रों में बूढ़ा महादेव और आसपास के मंदिरों में काफी भीड़ रहती है। कोरोना महामारी के दौर में कम संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच हैं।
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