अफसरों की सुस्ती रामपुर-बरेली हाईवे पर सफर करने वालों के लिए मुश्किल भरी साबित हुई। शुक्रवार को बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक पनवड़िया क्रासिंग पर यातायात बंद कर दिया गया। दिनभर हाईवे पर ट्रैफिक बंद रहने से इधर से गुजरने वाले लोगों को करीब दस घंटे तक खासी मशक्कत करनी पड़ी।
सबसे ज्यादा परेशान स्कूली बच्चे हुए क्योंकि स्कू ली बसें बाईपास से घूमकर पहुंचीं। वहीं रोडवेज बसों को भी करीब किलोमीटर का चक्कर काट कर गुजरना पड़ा। गौरतलब हो कि पनवड़िया रेलवे क्रासिंग पर प्रस्तावित ओवरब्रिज का निर्माण अधर में लटका है। इसके गार्डर रखे जाने के कारण रास्ता बंद किया गया था।
विज्ञापन
पनवड़िया रेलवे क्रासिंग पर फ्लाईओवर का निर्माण कराया जाना है। फ्लाईओवर का निर्माण पिछले कई सालों से अटका हुआ है। बरेली-रामपुर हाईवे पर क्रासिंग के दोनों ओर निर्माण कार्य काफी हद तक पूरा हो चुका है, लेकिन क्रासिंग के ऊपर से गार्डर डाले जाने में ढिलाई हो रही थी। रेलवे लाइन के ऊपर पूर्वोत्तर रेलवे के इंजीनियर काम करा रहे हैं। रेलवे के काम पूरा नहीं होने से ओवरब्रिज अधर में है। शुक्रवार को गार्डर डालने का काम बिना किसी पूर्व सूचना के शुरू कर दिया गया।
अचानक सुबह आठ बजे से रास्ता बंद कर दिया। बच्चों को स्कूल लेकर जाने वाली बसें भी अचानक रास्ता बंद होने से बाईपास होकर गईं। बच्चों की अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में बच्चे देर से स्कूल पहुंचे। हाईवे का रास्ता बंद करने की सूचना पूर्वोत्तर रेलवे नें जिला प्रशासन को भी एक दिन पहले नहीं दी। सुबह ही डीएम के यहां भी पत्र पहुंचा। समाचार पत्रों में सूचना नहीं दिए जाने से पूरा ट्रैफिक सिस्टम ठप रहा। बरेली की ओर से रामपुर शहर आने वाली रोडवेज बसें भी घूमकर आईं। बरेली की ओर जाने वाले वाहन भी फंसे। प्रतिदिन निकलने वाली करीब 50 स्कूली बसें अचानक रूट डायवर्ट होने से दिक्कत आई। जाम की समस्या भी पैदा हो गई। शाम पांच बजे रोड खुलने के बाद राहत मिली।