नफरती भाषण देने के दोष से मुक्त होने का फैसला सुनने के बाद आजम खां भावुक हो गए। कोर्ट रूम में ही उन्होंने पीठ को संबोधित करते हुए कहा कि फैसला मेरे खिलाफ जाता तो मुझे दुख नहीं होता, लेकिन आज फैसला मेरे पक्ष में आया है और मुझे इंसाफ मिला है।
इन धाराओं में दर्ज हुए मुकदमें
66 पेज में आया कोर्ट का फैसला
कोर्ट का फैसला 66 पेज का है जिसमें निचली अदालत के अभियोजन और बचाव पक्ष के द्वारा पेश किए गए गवाहों के बयानों का उल्लेख सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट की नजीर और आजम खां और अभियोजन की दलीलों का उल्लेख किया गया है। जबकि निचली अदालत का फैसला 32 पेज का था। जिसमें सभी गवाहों के बयान पुलिस द्वारा पेश किए गए दस्तावेज और सीडी का उल्लेख किया गया है।
सपा नेता आजम खां पर 90 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं
सपा नेता आजम खां पर 90 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। जिनका ट्रायल कोर्ट में चल रहा है। 27 महीने तक सीतापुर की जेल में रहने के बाद मई माह में जमानत पर आजम खां बाहर आए थे। उन्होंने 26 फरवरी 2020 को रामपुर की कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था जिसमें उनके साथ उनकी पत्नी डॉ. तंजीम फात्मा और अब्दुल्ला आजम भी जेल गए थे। वर्तमान में तीनों जमानत पर चल रहे हैं।
उनके खिलाफ आलियागंज के किसानों ने जमीन कब्जाने के आरोप में 26 यतीमखाना प्रकरण में 12 डूंगरपुर में 12 और आचार संहिता उल्लंघन सहित अन्य मामलों में मुकदमें दर्ज हैं। जिनके ट्रायल कोर्ट में चल रहा है। अभी तक एक मामले में कोर्ट का फैसला आया है। 27 अक्तूबर को आजम खां को निचली अदालत ने तीन वर्ष की सजा और छह हजार रुपये जुर्माना डाला था। 24 मई को यानी बुधवार को एमपी-एमएलए कोर्ट सेशन ट्रायल में निचली अदालत के फैसले को निरस्त करते हुए आजम खां को बरी कर दिया है।