रामपुर। उत्तराखंड पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए रामपुर कचहरी में अधिवक्ता के चैंबर पर छापा मार दिया। जिससे अधिवक्ता और पुलिस में झड़प होने लगी। मामला बढ़ता देख काफी अधिवक्ता एकत्र हो गए और हंगामा शुरु कर दिया। इसके बाद पुलिस चली गई। बाद में अधिवक्ता ने आरोपी को कोर्ट में दूसरे मामले में हाजिर कर दिया, जहां कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया।
गुरुवार को पूर्वाहन साढ़े ग्यारह बजे उत्तराखंड पुलिस एक आरोपी को पकड़ने के लिए रामपुर कचहरी पहुंची। जहां पर अधिवक्ता के चैंबर पर बैठे आरोपी को पकड़कर ले जाने लगी। आरोपी के चीखने चिल्लाने पर काफी अधिवक्ता एकत्र हो गए और उन्होंने पुलिस की कार्रवाई का विरोध शुरु कर दिया। अधिवक्ताओं द्वारा हंगामा होने के बाद पुलिस चली गई। इसके बाद सिविल लाइंस पुलिस और सीओ सिटी बड़ी तादात में पुलिस बल के साथ कचहरी पहुंच गए। अधिवक्ताओं और सीओ सिटी के बीच बार कक्ष में बैठक हुई। पुलिस के आश्वासन के बाद अधिवक्ता शांत हो गए। अधिवक्ता उस्मान खां ने बताया कि उनके मुवक्किल दानिश पुत्र अफसर अली को पुलिस जबरदस्ती उनके चैंबर से उठाकर ले जा रही थी, जबकि वे उसे दूसरे मुकदमे में हाजिर करने के लिए ले जा रहे थे। उन्होंने दानिश को उसके खिलाफ अदालत में लंबित मुकदमे में सरेंडर कर दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है। सिविल लाइंस थाना प्रभारी लव सिंह सिरोही ने बताया कि उत्तराखंड पुलिस एक आरोपी को पकड़ने के लिए आई थी। जिसने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में सरेंडर कर दिया है। आरोपी उत्तराखंड में दर्ज एक मामले में वांछित चल रहा है।