रामपुर। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ शनिवार को श्रम विभाग के दफ्तर का औचक निरीक्षण किया। डीएम के आने की जानकारी होते ही दफ्तर में मौजूद कई लोग इधर उधर भागने लगे। इनमें से तीन लोगों को रोक लिया गया, पूछताछ के बाद डीएम ने इनमें से एक को छोड़ दिया जबकि दो लोगों की गतिविधियां संदिग्ध मानते हुए उन्हें सिविल लाइंस पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने दोनों से पूछताछ शुरू कर दी।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि उन्होंने शनिवार को श्रम विभाग कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया कि विभाग की विभिन्न योजनाओं की पत्रावलियों का रखरखाव बेतहर तरीके से नहीं किया गया है। कर्मचारियों के पटल पर सबंधित विभागीय योजनाओं के आवेदन पत्र काफी मात्रा में लंबित पाए गए। कर्मचारी लंबित आवेदन पत्रों की संख्या और मामलों की जानकारी भी पर्याप्त रूप से नहीं दे सके। इस पर वरिष्ठ सहायक की आगामी वेतन वृद्धि रोकने और कंप्यूटर ऑपरेटर का इस माह का वेतन रोकने का आदेश दिया। उन्होंने सहायक श्रम आयुक्त नम्रता को सभी पत्रावलियों और विभागीय योजनाओं की अद्यतन प्रगति के साथ तलब किया है। डीएम ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कार्यालय में मौजूद तीन लोग भागने का प्रयास कर रहे थे, उन्हेें सुरक्षा कर्मियों ने रोक लिया। जांच में पाया कि इनमें से एक व्यक्ति अपने किसी काम से आया था, जबकि बाकी दो लोग संतोषजनक जबाव नहीं दे सके। दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। सिविल लाइंस इंस्पेक्टर लव सिरोही ने बताया कि डीएम के आदेेश पर दो लोगों से पूछताछ की जा रही है। दोनों ही लोग बिना किसी कारण के दफ्तर में मिले थे। पूछताछ के बाद डीएम के आदेश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।