क्षेत्र के गांव भुड़ासी में शराब की दुकान बंद कराने को लेकर महिलाओं ने हल्ला बोला। गुस्साई महिलाओं ने चंदौसी रोड को करीब चार घंटे तक जाम रखा। सूचना पाकर कोतवाल और आबकारी विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और शराब दुकान को वहां से हटवाया। इसके बाद ही जाम खोला जा सका।
यूपी में भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बनने के बाद शराब के खिलाफ महिलाएं मुखर हो रही हैं। कोतवाली क्षेत्र के गांव भुड़ासी में एक शराब दुकान को बंद कराने को लेकर महिलाओं ने यहां चंदौसी रोड जाम कर दिया। महिलाओं के हाथ में दारांती और डंडे भी थे। महिलाओं में आक्रोश को देखते हुए गांव के बच्चे औीर बड़े भी महिलाओं के साथ हो गए। महिलाओं का कहना था कि शाम के समय शराब की बिक्री खूब डट कर होती है, परिवार के लोग इसे ख़रीदकर पीने के बाद घर आकर काफी उत्पात मचाते हैं और शराब के नशे में मारपीट भी करते हैं। इसी के चलते गांव की सभी महिलाएं एकत्र होकर सड़क पर उतर आई हैं और रोड जाम करके जमकर प्रदर्शन भी किया।
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सूचना पाकर कोतवाल सोमप्रकाश वर्मा मौके पर मय फ़ोर्स के साथ पहुंच गए और काफी देकर जाम खुलवाने का प्रयास करते रहे। आश्वासन भी दिए लेकिन महिलाओं ने जाम नहीं खोला। शाहबाद और चंदौसी की ओर काफी लंबा जाम भी लग गया था। शराब दुकान हटाने को लेकर महिलाएं हट पर अड़ी रहीं। रोड खुलवाने को लेकर पुलिस के भी हाथ पांव फूलते नजर आए। बाद में कोतवाली प्रभारी ने आबकारी विभाग के प्रवीण कुमार तिवारी को बुलाया और आबकारी विभाग भी अपनी टीम के साथ वहां पर पहुंच गई।
काफी देर समझाने के बाद भी महिलाएं नहीं मानी तब प्रशासन को गांव से ड़ेढ़ किलोमीटर दूर इस शराब की दुकान को पहुंचवाने का आश्वासन दिया। उसके बाद कहीं जाकर महिलाओं ने जाम को खोला और भुड़ासी गांव की शराब की दुकान को पास ही के गांव खेडा में फ़िलहाल शिफ्ट करा दी गई है। इससे महिलाएं शांत हो गईं।