निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों ने धरना दिया। जमकर नारेबाजी की। उन्होंने निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की है। शुक्रवार को हाइड्रो इलेक्ट्रिक इम्प्लाइज यूनियन के बैनर तले बिजली कर्मी अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर एकत्र हुए। इसके बाद नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए।
उनका कहना था कि प्रदेश सरकार ने पांच जिलों की बिजली व्यवस्था निजी हाथों में सौंपने का निर्णय लिया है, जो पूरी तरह से गलत है। इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार को निजीकरण का फैसला वापस लेना होगा।
इस मौके पर कृष्णपाल सिंह, सईद अख्तर खां, रमेश चन्द्र सैनी, संजय कुमार, आजाद मोहम्मद, बबलू वर्मा, प्रदीप कुमार, नरेश कुमार, रितेश कुमार, भूप सिंह, अवतार पाल आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता हरिबहादुर सक्सेना और संचालन अवतार पाल ने किया।