भोट (रामपुर)। कृषि कानूनों के विरोध में पिछले 62 दिनों से कोयला टोल प्लाजा पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे किसान बुधवार को भी धरने में डटे रहे। इस दौरान आक्रोशित किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी व प्रदर्शन कर तीनों कृषि कानूनों की वापसी की मांग की।
कृषि कानूनों के विरोध में कोयला टोल प्लाजा पर भाकियू कार्यकर्ताओं का अनिश्चितकालीन धरना 62वें दिन भी जारी रहा। मौजूद किसानों को संबोधित करते हुए बिलासपुर तहसील अध्यक्ष इरफान हसन ने कहा कि देश का किसान सड़कों पर बैठकर पिछले आठ माह से कृषि कानूनों की वापसी की मांग कर रहा है लेकिन केंद्र सरकार को किसानों की परवाह ही नहीं है। इसलिए जब तक यह तीनों कृषि कानून वापस नहीं लिए जाएंगे तब तक किसान घर नहीं लौटेंगे और आंदोलन जारी रहेगा। तेज बारिश से जिले भर में कई किसानों के कच्चे मकान गिर गए हैं। किसानों की जांच कर जिला प्रशासन को गरीब किसानों के पक्के मकान बनाने चाहिए। इस दौरान किसानों ने एनएचएआई द्वारा बनाए जा रहे फोरलेन में कमियां बताते हुए सही कराने की मांग की तथा कहा कि 29 जुलाई को टोल प्लाजा के अधिकारियों को ज्ञापन देकर समस्या का समाधान कराने की मांग की जाएगी और जल्दी ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो किसान यूनियन बड़ा आंदोलन करेगी और एनएचएआई के अधिकारियों के साथ ही टोल प्लाजा के अधिकारियों को बंधक बनाकर काम नहीं करने दिया जाएगा। इस दौरान मो. तालिब, छिद्दा अली, शाकिर अली,शकील अहमद, अनीस अहमद, नदीम अहमद, जगदीप, सतनाम सिंह, अब्दुल मुस्तफा, महबूब हसन, जुम्मा, सलीम, डॉक्टर नौशाद,नाजिर, चंद्रसेन, असलम, आबिद, मोहम्मद शाहिद, सद्दाम, अब्दुल वहीद ,जब्बार,जुल्फिकार आदि मौजूद रहे।