राष्ट्रीय किसान महासभा के आहवान पर देश भर में चलाए जा रहे गांव बंद आंदोलन के तहत रविवार को भारतीय किसान यूनियन असली के कार्यकर्ताओं ने लश्करगंज गांव में दूध सड़कों पर बहा दिया,जबकि सब्जी भी फेंक दी। किसानों ने साफ किया कि उनको बाजिव हक नहीं मिला तो कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्रीय किसान महासभा के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष परशुराम शर्मा के नेतृत्व में लश्करगंज गांव में किसानों ने दूध को सड़क पर बहाया और सब्जियों को भी सड़क पर फेंककर आक्रोश जताते हुए किसानों ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने किसानों का पूरा कर्ज मांफ करने का वादा किया था। लेकिन भाजपा सरकार द्वारा किसानों की बजाए बड़े बड़े उधोगपतियों के ऋण मांफ किए जा रहे है और किसानों की अनदेखी की जा रही है।
मोदी सरकार के समय में किसानों का देश भर में 22 हजार करोड़ रूपया किसानों का गन्ना मिलों पर बकाया है। 1 जून से 10 जून तक चलाए जा रहे गांव बंद आंदोलन का उददेश्य यही है कि केंद्र सरकार को किसानों की तकलीफो का एहसास हो और किसानों की समस्याओं का समाधान हो सके। गांव बंद आंदोलन के मौके पर मोहन लाल, बंटी, किरन लाल, गजेंद्र, धारा सिंह, ख्यालीराम सहित तमाम किसान मौजूद रहे।