भोट (रामपुर)। कृषि कानूनों के विरोध में टोल प्लाजा पर भाकियू कार्यकर्ता 51वें दिन भी अनिश्चितकालीन धरने पर डटे रहे। इस दौरान किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। साथ ही कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग की। मांग पूरी न होने पर चेताया कि दो माह के भीतर किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो अब आर-पार की लड़ाई होगी।
शनिवार को धरने में बैठे किसानों को संबोधित करते हुए भाकिूय जिलाध्यक्ष हसीब अहमद ने कहा कि किसान अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। उन्होंने किसानों को अगली रणनीति के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सरकार को दो महीने का समय दिया गया है। अगर, इस अवधि में उनकी मांग नहीं मानीं गईं, तो फिर आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया जाएगा। कहा कि पांच सितंबर को महापंचायत होगी तथा आंदोलन को सफल बनाने के लिए अब हर गांव में पंचायत का आयोजन कर किसानों को जागरूक किया जाएगा। सरकार किसानों की समस्या को गंभीरता से नहीं ले रही है। किसानों के गन्ने का बकाया भुगतान नहीं हो रहा है। पानी के अभाव में सिंचाई नहीं हो पा रही है। डीजल महंगा होने के कारण किसान पंपिंग सेट से फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। यदि कुछ और दिन यही स्थिति रही तो धान का आधा रकबा भी नहीं लग पाएगा। किसानों को संकल्प दिलाया कि जब तक कृषि कानून रद्द नहीं होते वह हर कुर्बानी देने को तैयार हैं। इस दौरान इरफान हसन, छिद्दा अली, शाकिर अली, जुम्मा, अब्दुल मुस्तफा, नदीम अहमद, दिलशाद, कल्लू, जगदीश, मुजफ्फर अली, मुनव्वर आलम, अरशद अली, रेहान अली, नासिर, सलीम, फरीद, शाकिर, मोहम्मद तालिब आदि मौजूद रहे।