पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अब्दुल सलाम समर्थकों के संग पूर्व मंत्री आजम खां के खिलाफ सड़क पर उतर आए। उन्होंने सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त और जौहर यूनिवर्सिटी की जांच कराने की मांग को लेकर अंबेडकर पार्क में धरना दिया। साथ ही कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अब्दुल सलाम समर्थकों के संग सोमवार को अंबेडकर पार्क पहुंचे और धरने पर बैठ गए। कई घंटे धरना देने के बाद हाथों में आजम विरोधी तख्तियां लेकर जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने कलक्ट्रेट में कुछ देर प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। उसमें कहा है कि जौहर यूनिवर्सिटी का निर्माण कराने के लिए सींगनखेड़ा और आसपास के गरीब किसानों की जमीने जबरदस्ती छीनी गईं। पूर्व मंत्री आजम खां सरकारी अमले को अपने प्रभाव में लेकर जमीनों के जबरत बैमाने कराए।
आरोप लगाया कि आजम खां ने ग्राम सभा के चकरोड, ग्राम समाज, सरकारी, नदी और कस्टोडियन की जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया। राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी कर सरकारी जमीन अपने निजी ट्रस्ट के नाम करा दी। ज्ञापन में जमीनों से संबधित पूरा ब्योरा दर्शाया गया है। ज्ञापन में कहा है कि आजम खां ने जौहर यूनिवर्सिटी और अपने निजी इस्तेमाल के लिए पानी की टंकियां, वीआईपी गेस्ट हाउस, सड़कें झील, बिजलीघर, फ्लाईओवर के निर्माण में सरकारी धन का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। डीएम से घोटालों की जांच और सरकारी व किसानों की कब्जाई गई जमीनों को मुक्त कराने की मांग की।
चेतावनी दी कि अगर तीन महीने में उनकी मांग पूरी नहीं की तो अनिश्चित कालीन धरना दिया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में मुस्तफा हुसैन, अब्दुल रहीम, हाजी माजिद, हाफिज एजाज हुसैन, रईस अहमद, लईक अहमद, अय्यूब, मुहम्मद इस्लाम, नूर अली, अमीर, मेहराज, सलीम, रुस्तम सिंह, जकीर, नदीम, जगदीश कुमार, मोहम्मद इल्यास, नूर अहमद, रऊफ,हाफिज अतीक, मोहम्मद अहमद,सद्दाम अली, जलालुद्दीन, शकील अहमद, खुर्शीद अहमद, लाल सिंह, जुल्फिकार शामिल थे।