दो माह शांत रहने के बाद एक बार फिर डूंगरपुर में आसरा कालोनी निर्माण को लेकर हंगामा खड़ा होना शुरू हो गया है। पूर्व में हंगामे की वजह बने प्लॉटों और घरों के स्थान पर निर्माण कार्य शुरू होने पर सोमवार को कालोनीवासी एकत्र हो गए और निर्माण कार्य का विरोध करने लगे। कालोनीवासियों ने हंगामा किया।
पुलिस से नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने सख्ती कर हंगामा शांत किया और निर्माण कार्य सुचारु कराया।
पुलिस लाइन के निकट सीएंडडीएस की ओर से डूंगरपुर के पास आसरा कालोनी का निर्माण किया जा रहा है। करीब दो हेक्टेयर से अधिक जमीन पर 1008 आसरा आवास बनाए जाने हैं।
इसके लिए 48 करोड़ का बजट भी जारी किया गया है। नवंबर माह में जब कालोनी का निर्माण शुरू हुआ तो कुछ लोगों ने इसका विरोध किया। इन लोगों का कहना था कि आसरा कालोनी के नक्शे के अनुसार उनके 30 से अधिक घर और करीब 70 से अधिक प्लॉट भी इसकी जद में आ रहे हैं। ये प्लॉट उन्होंने खरीदे थे और रजिस्ट्री भी कराई थी।
सीएंडडीएस अफसरों का दावा था कि ये जमीन पालिका का ट्रंचिंग ग्राउंड था। अवैध रूप से प्लॉट बेचे गए थे। भू-माफियाओं के झांसे में फंसे करीब सवा सौ लोगों के सामने अब उनकी जमीन और आशियाने का संकट है। नवंबर में सीएंडीएस की ओर से मिट्टी के सैंपल लिए जाने के दौरान इन लोगों ने विरोध और हंगामा किया था।
कुछ लोग कोर्ट की शरण में गए थे। उनका कहना है कि कोर्ट ने मामले में यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद निर्माण कार्य सुस्त पड़ गया था। अब निर्माण कार्य दोबारा रफ्तार पकड़ रहा है। सोमवार को उन प्लाटों पर भी निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू की गई जिनको लेकर लोग विरोध कर रहे थे।
हंगामे की आशंका पर सुबह से ही मौके पर भारी पुलिस बल तैनात था। लोगों ने निर्माण कार्य का विरोध करते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए सबको हटा दिया। लोगों का आरोप है कि पुलिस ने महिलाओं से बदसलूकी की और मोबाइल भी छीन लिए गए। पुरुष सिपाहियों ने महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की की।