मिल्टन स्कूल के प्रबंधक से तीस लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाले को पुलिस ने सर्विलांस के जरिये गिरफ्तार कर लिया। आरोपी स्कूल का पूर्व छात्र निकला। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फोन भी बरामद कर लिया है। बकौल, पुलिस आरोपी ने स्कूल से निकाले जाने और घर छुड़वाने के लिए प्रबंधक को जिम्मेदार मानता था और विदेश जाने के लिए तीस लाख की रंगदारी मांगी थी। रामपुर में एसपी ने मामले का खुलासा किया।
नगर के माठखेड़ा रोड निवासी मिल्टन स्कूल के प्रबंधक बलवीर सिंह मल्ही ने नौ जुलाई को रिपोर्ट लिखाई थी कि किसी ने फोन पर उनसे तीस लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। रंगदारी न देने पर उनको और परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी। इस पर पुलिस ने नंबर को सर्विलांस पर लगा दिया। सोमवार सुबह करीब आठ बजे फोन की लोकेशन के आधार पर कोतवाली पुलिस ने माठखेड़ा रोड पर गुरुद्वारे के पास से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
कोतवाली प्रभारी जीडी जोशी ने बताया कि पूछताछ में युवक ने स्वयं को माठखेड़ा रोड स्थित प्रबंधक बलबीर सिंह मल्ही का पड़ोसी स्वर्गीय जसवीर सिंह का बेटा सर्वजोत सिंह (20) बताया। उसने बताया कि वह वर्ष 2010-11 में मिल्टन स्कूल में कक्षा आठ में पढ़ता था। वहां पर कक्षा के ही एक छात्र से विवाद हो गया था। इस पर प्रबंधक ने सर्वजोत को स्कूल से निकाल दिया था। इसके बाद परिजनों ने रुद्रपुर के एक विद्यालय में उसका कक्षा आठ में दाखिला करा दिया था, जहां उसके नंबर काफी कम आए थे। यह बात सर्वजोत को नागवार गुजरी। बकौल पुलिस, सर्वजोत जब भी घर आता था तो वह प्रबंधक और उसके परिवार से बदला लेने की सोचता था।
सर्वजोत ने बताया कि वह विदेश जाने के लिए आईलेट्स कोर्स करने लगा ताकि विदेश जाकर पढ़ाई कर सके। लेकिन विदेश जाने के लिए पैसों की चिंता सताने लगी। इस पर उसने बाजार से एक फोन खरीदकर प्रबंधक से तीस लाख रुपये की रंगदारी मांगी। प्रबंधक को धमकी देने के बाद उसने फोन की सिम तोड़कर फेंक दी और फोन अपने एक दोस्त को दे दिया। लेकिन दोस्त ने जब फोन को चालू किया तो सारा मामला खुल गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।