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हाईवे का प्रोजेक्ट अधूरा, टोल वसूली पूरी

Fri, 07 Oct 2016 12:52 AM IST
अखिलेश शर्मा/ रामपुर
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नेशनल हाईवे पर कुछ इस तरह होना चाहिए साइड फेंसिंग ताकि रफ्तार में आ रहे वाहन से कोई जंगली जानवर न टकरा जाए
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अपनी कार से दिल्ली जाने के लिए रामपुर से गढ़मुक्तेश्वर तक तीन टोल प्लाजा पर टोल फीस के रूप में 210 रुपये देने के बाद भी दिल्ली तक का सफर फर्राटेदार नहीं मिल रहा है। नेशनल हाईवे अथारिटी दिल्ली से बरेली तक हाईवे के प्रोजेक्ट को कंपलीट बता रहा है और पिछले कई साल से टोल फीस वसूल रहा है। लेकिन राहगीरों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। राहगीर हादसों का शिकार भी हो रहे हैं। 

रामपुर से दिल्ली जाते वक्त सबसे पहले नियामतपुर इकटौरिया में टोल प्लाजा पड़ता है जिसपर अगर आप कार से हैं तो 105 रुपये देकर जेब ढीली करनी पड़ती है। लेकिन टोल देने के दो किलोमीटर आगे आपको दलपतपुर में टूटा हुआ हाईवे मिल जाएगा। जहां से निकलना मुश्किल होता है।
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निर्माणाधीन फ्लाईओवर का काम पूरा होने में अभी कम से कम छह माह से एक वर्ष लग जाएगा। दलपतपुर से निकलते ही रझेड़ा नदी के आगे रास्ता फोरलेन के बजाए टू-लेन हो जाता है। यहां रझेड़ा नदी का पुल भी बनकर तैयार है लेकिन फोरलेन सड़क पूरी नहीं होने से रास्ता टू-लेन चलने से अक्सर जाम लगने से दिक्कतें आती हैं। दलपतपुर के बाद बुढ़नपुर में अधूरा लटका पुल अभी तक पूरा नहीं हो सका है। 
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वन साइड पुल का निर्माण अधर में लटका होने से यहां भी अक्सर जाम लगता है और यह जगह एक्सीडेंटल जोन बन चुकी है। इसके बाद हाईवे पर कार रफ्तार तो नहीं पकड़ती बल्कि जोया में एक और टोल प्लाजा आ जाता है जहां 60 रुपये टोल फीस चुकानी पड़ती है। यहां से 18 किलोमीटर आगे गजरौला में चौपुला पर भी वन साइड का फ्लाईओवर अधर में लटका होने से यात्रियों को दिक्कतें आ रही हैं। इसके बाद गढ़मुक्तेश्वर में चौपुला पर भी फ्लाईओवर का निर्माण अधर में लटका है। जबकि इससे पहले ब्रजघाट टोल प्लाजा पर 45 रुपये फीस भरनी होती है। इस तरह 90 किलोमीटर के दायरे में नियामतपुर इकटौरिया से ब्रजघाट तक तीन टोल प्लाजा हैं, जबकि पांच बड़े अवरोध जोकि फर्राटेदार सफर करने में बाधक बने हुए हैं। 
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