रामपुर के आखिरी नवाब रजा अली खां की आरमरी में हथियारों का जखीरा था। संपत्ति विभाजन की प्रक्रिया के तहत उनकी चल संपत्ति के मूल्यांकन के दौरान नोएडा की एक वैल्यूएशन कंपनी ने नवाब की एक तलवार की कीमत दस हजार रुपये आंकी है। इसी तरह से एक कटार की कीमत दस हजार रुपये और एक भाले की कीमत 1500 रुपये आंकी गई है। कंपनी की रिपोर्ट को कोर्ट में दाखिल कर दिया गया है।
रियायत के आखिरी नवाब रजा अली खां की संपत्ति का विभाजन उनके वारिसों में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक किया जाना है। कोर्ट ने शरीयत कानून के मुताबिक उनकी संपत्ति का विभाजन उनके वारिसों में करने संबंधी आदेश दिया है।
इसको लेकर उनके वारिसों के शेयर भी निर्धारित किए जा चुके हैं। कोर्ट के आदेश पर रजा अली खां की चल और अचल संपत्ति की कीमत आंकी जा रही है। चल संपत्ति का मूल्यांकन नोएडा की एक निजी वैल्यूएशन कंपनी से कराई गई है।
कंपनी ने नवाब की चल संपत्ति की सूची के मुताबिक कीमतों का निर्धारण किया है। कंपनी ने नवाब की एक तलवार की कीमत 10 हजार रुपये आंकी है। कंपनी ने नवाब के एक मजल लोडेड पिस्टल (सिंगल बैरल) की कीमत एक लाख रुपये, एक पिस्टल सिंगल बैरल की कीमत 12 हजार रुपये और एक मजल लोडेड पिस्टल सिक्स बैरल की कीमत 1.60 लाख रुपये आंकी है।
एक कुल्हाड़ी कीमत भी दस हजार रुपये आंकी गई है। कंपनी ने नवाब की आरमरी में मौजूद अस्त्र-शस्त्रों की कीमत लगभग 74 लाख रुपये आंकी है। नवाब रजा अली खां के पौत्र नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां का कहना है कि कंपनी को अस्त्र-शस्त्रों की जो कीमत आंकी है वह कम लग रही है क्योंकि सभी तलवारें एक तरह की नहीं है।
कई तलवारों पर सोने-चांदी की मूठ लगी हुई है। इसी तरह से पिस्टल की कीमत भी कम आंकी गई है। उन्होंने बताया कि हम इसको लेकर कोर्ट से अनुरोध करेंगे कि नवाब रजा अली खां की आरमरी में मौजूद अस्त्र-शस्त्रों की कीमत का आकलन फिर से कराया जाएगा। नवेद मियां ने कहा कि अस्त्र-शस्त्रों के अलावा अन्य वस्तुओं कीमत का आकलन ठीक लग रहा है।