रामपुर। होली पर शहर में मतकटों की निकलने वाली बरात और हास्य व्यंग वाले कार्यक्रम 13 मार्च की रात को होंगे। कार्यक्रमों को लेकर सत खसमी मतकटी परिषद ने रूप रेखा तैयार कर ली है। कार्यक्रम के पंपलेट छप चुके हैं। जिन्हें आमंत्रण पत्र के रूप में लोगों के बीच बांटा भी जा रहा है।
आयोजक ने बताया कि मतकटों और मतकटियों का जमावड़ा 13 मार्च की रात 10 बजे से पुरानागंज में स्थित श्री हरिहर का मंदिर पर होगा। बरात के लिए दूल्हे का चयन कार्यक्रम आयोजन के दिन ही होगा। इसके बाद दूल्हे को सजाकर बरात निकाली जाएगी। बरात वापस श्रीहरिहर मंदिर पर लौटने पर उसकी आरती उतारी जाएगी। इसके बाद बरात के स्वागत गीत, जयमाल और विदाई होगी। इससे पहले दूल्हा झाड़ू से सभी मतकटों को आशीर्वाद देगा। फिर उसी रात फैंसी ड्रेस शो, कविता शो, हास्य व्यंग नाटक, बाल कलाकार डांस प्रस्तुत करेंगे। शेर-शायरी भी होंगी।
मतकटी परिषद के संयोजक राम शरन देवल बताते हैं कि इन कार्यक्रमों में मतकट की अदालत की भी खास प्रस्तुति रहेगी। उन्होंने बताया कि इन कार्यक्रम की तैयारी में मतकटी परिषद के मंत्री रविंद्र गुप्ता, उप मंत्री राम औतार पाल, सोनू ठाकुर, विजय शर्मा, हरिओम पहलवान, वेद प्रकाश, छोलेबाबू, विवेक गुप्ता लगे हैं।
इन मार्गों से निकलेगी मतकटे दूल्हे की बरात
पुरानागंज में श्री हरिहर मंदिर से बरात शुरू होगी, जो घेरतोगा रोड, घेरे इनायत खां, चमन चौक, पुरानागंज पुलिस चौकी, छिपियान मोहल्ला, सराफा बाजार से फिर श्रीहरिहर मंदिर लौटेगी। पिछली बार आलू प्रजापति दूल्हा बने थे। इस बार दूल्हा-दूल्हन कौन बनेंगे, यह अभी तय नहीं हो पाया है।
दूल्हे को इस तरह सजाने की तैयारी
हरी सब्जियों, फलों व गोबर के उपलों की माला से होगा जयमाल।
लालटेन की रोशनी से होगी दूल्हे की आरती।
मतकटी परिषद का इतिहास
सत खसमी मतकटी परिषद के संयोजक राम शरन देवल बताते हैं कि करीब 20 साल से संगठन की बागडोर वही संभाले हैं, जबकि इससे पहले सतीश कुमार गुप्ता और उनसे भी पहले लक्ष्मी नारायण अग्रवाल और शिवदीन गुप्ता मतकटी परिषद के संयोजक हुआ करते थे। राम शरन बताते हैं कि मतकटी परिषद का गठन आजादी के दौर का है। इसे किसने गठित किया था, क्या मकसद था और प्रथम संयोजक और दूल्हा कौन बने थे...इन प्रश्नों के उत्तर वह भी नहीं जानते हैं।
पहले गधे-घोड़े पर दूल्हे को बैठाकर निकलती थी बरात
मतकटी परिषद के पदाधिकारियों ने इस बार बरात में दूल्हे की सवारी में बदलाव किया है। अभी तक दूल्हे को गधे या फिर घोड़े पर बैठाकर शहर के विभिन्न मार्गों से बरात निकाली जाती रही है, लेकिन इस बार हाथ वाले रिक्शा पर दूल्हे को बैठाकर मतकटों की बरात निकालने की योजना है।
मतकटों की बरात का हास्य व्यंगात्मक पंपलेट
मतकटी परिषद के संयोजक राम शरन देवल बताते हैं कि उन्होंने कार्यक्रम का प्रचार करने को 500 पंपलेट छपवाए हैं। पंपलेट में हास्य व्यंग के शब्दों का प्रयोग हुआ है। जिसके क्रम में कार्यक्रम की रूपरेखा दर्शाई गई है। पंपलेट में सभी मतकटे शिरोमणि अधिकारी एवं कुनागरिक भाग लेंगे..इस तरह व्यंग किया गया है। पपंलेट लिखा है कि जमावड़े में मुखिया की ताजपोशी होगी और मतकटे अध्यक्ष की बरात निकलेगी, जो विभिन्न मार्गों से होकर श्री हरिहर मंदिर लौकेगी। इस बरात में बराती हास्य व्यंग करते हुए शामिल होंगे।