डेंगू का प्रकोप थम नहीं रहा है। जिसके चलते निजी अस्पतालों में पीड़ित रोगियों की भरमार है। शुक्रवार को डेंगू से मसवासी के मोहल्ला चाऊपुरा वार्ड नंबर एक निवासी जय सिंह सागर की 23 वर्षीय पत्नी संजना की मौत हो गई। संजना गर्भवती थी। दो दिन पहले उसे तेज बुखार आया था। जांच में डेंगू के साथ गर्भ में पल रहे पांच माह के बच्चे की मौत की भी पुष्टि हुई थी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में 16 पैथोलॉजी लैब पंजीकृत हैं। जबकि शहर से लेकर गांव देहात में बिना पंजीकरण के 300 से ज्यादा पैथोलॉजी लैब चल रही हैं। इनमें मनमानी ढंग से रोगियों से जांच के नाम पर वसूली की जा रही है। इन अपंजीकृत लैबों को बंद करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कोई प्रयास नहीं किए हैं।
बुखार अथवा डेंगू के लक्षण नजर आने पर सरकारी अस्पताल में पहुंच कर ही जांच कराएं। इससे संक्रमण का सही ढंग से पता चलता है और पर रोगी जल्दी स्वस्थ हो जा रहे हैं। -डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ।
सैदनगर क्षेत्र के गांव नगलिया आकिल में बुखार से हो रही लगातार मौतों के बाद शुक्रवार को सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने गांव पहुंचकर भ्रमण किया। इस दौरान गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। अस्पताल में तैनात कर्मचारियों से बुखार के मरीजों के बारे में जानकारी ली गई।
सीएमओ ने अस्पताल में सभी प्रकार की दवा रखने के निर्देश दिए। इस दौरान ग्रामीणों से बात करते हुए सीएमओ ने साफ सफाई के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत से भी लगातार कीटनाशक छिड़काव को कहा गया।