रामपुर। मीरी पीरी तलवारों के मालिक श्री गुरु हरगोविंद साहिब जी के प्रकाशोत्सव पर हुए शबद- कीर्तन से संगत निहाल हो गई। जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल और वाहे गुरु का खालसा वाहे गुरु की फतेह से वातावरण गूंज उठा। मौजूद संगत ने श्री गुरु हरगोविंद जी महाराज के आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
बीपी कालोनी स्थित गुरुद्वारा संत भाई जी बाबा में गुरु श्री हरगोविंद जी महाराज का 426 वां प्रकाशोत्सव मनाया गया। भव्य रुप से सजे कीर्तन दरबार में श्रद्धालुओं ने माथा टेक कर गुरु ग्रंथ साहिब का आशीष लिया। प्रकाशोत्सव के अवसर पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए 23 जून से तीन दिवसीय कार्यक्रमों की शुरुआत की गई थी। शुक्रवार की रात को भव्य रुप से सजे कीर्तन दरबार में भाई गुरविंदर सिंह के हजूरी रागी जत्थे और महिलाओं के नाम सिमरन जत्थे ने शबद- कीर्तन किया। इसके बाद उत्तराखंड से आए भाई गुरुदेव सिंह व भाई मनमोहन सिंह के रागी जत्थे ने शबद-कीर्तन कर गुरु की महिमा प्रकाश डाला। रात 12 बजे तक चले कीर्तन दरबार की समाप्ति पर लोगों ने गुरु का लंगर छका। इस दौरान प्रबंधक कमेटी के प्रधान दर्शन सिंह खुराना, गुरजीत सिंह आहूजा, सतविंदर सिंह चिन्ना, ओंकार सिंह, भूपेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह गोल्डी, राधेश्याम अरोरा, हरीश अरोड़ा, धनवंत सिंह, रविंद्र सिंह टोनी, नरेंद्र पाल सिंह आदि उपस्थित रहे।