सालों से बदहाल और कई माह से अधबनी पड़ी आगापुर रोड अब लोगों को बीमार करने लगी है। धूल के संक्रमण से सड़क किनारे रहने वाले लोग और दुकानदार धीरे-धीरे सांस की रोगी होते जा रहे हैं। ऐसे में लोक निर्माण विभाग की सुस्ती को लेकर क्षेत्रीय बाशिंदों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
शाहबाद रोड से लेकर दिल्ली लखनऊ बाईपास को जोड़ने वाला आगापुर रोड बेहद अहम है। इस सड़क के दोनों ओर घनी आबादी है। ज्वालानगर, अजीतपुर, सीओडी कालोनी, लेबर कालोनी, विकास नगर, लक्ष्मी नगर, सांई बिहार आदि तमाम मुहल्ले इसी रोड से जुड़े हुए हैं, जहां करीब 50 हजार लोग निवास करते हैं। सड़क किनारे दोनों ओर किराना स्टोर से लेकर मिठाई और लोहे समेत तमाम तरह की दुकानें हैं। चूंकि, सड़क पिछले कई सालों से बदहाल थी। लिहाजा, क्षेत्र के लोगों की बड़ी समस्या को गंभीरता से लेते हुए सड़क निर्माण की कवायद शुरू हुई। समाजवादी पार्टी की सरकार में ही सड़क का काम शुरू हो गया था, इस पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। तीन करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस रोड में अभी महज एक किलोमीटर ही सड़क का निर्माण हो सका है। शेष काम पिछले कई माह से लटका हुआ है।
लोक निर्माण विभाग ने पत्थर और मिट्टी डालकर सड़क को छोड़ दिया है। ऐसे में दिनभर वाहनों की आवाजाही से धूल उड़ती रहती है, जिससे लोगों की सेहत प्रभावित हो रही है। क्षेत्रीय लोगों की मानें तो कई माह से धूल फांकने की वजह से सांस लेने में दिक्कत हो जाती है। सांस फूलने की समस्या भी बढ़ती जा रही है। यह हाल सिर्फ सड़क किनारे रह रहे लोगों या दुकानदारों का नहीं, बल्कि भीतर के मुहल्लों की भी यही स्थिति है। लेकिन, इसके बाद भी लोक निर्माण विभाग सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं करा पा रहा है। इसके अलावा आएदिन रिक्शा पलटना भी सामान्य बात हो गई है। बाइक सवार फिसल जाते हैं, जिससे लोगों को चोटें आ रही है। ऐसे में लोगों में लोक निर्माण विभाग के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है।